न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 3 अप्रैल। हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कुश्ती के कारण है। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस खेल में लगातार सुधार किया जाए और खिलाडिय़ों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक में कुश्ती में हरियाणा के पहलवानों का डंका बजेगा।
मंत्री आज पलवल के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में कुश्ती खेल के स्तर को और अधिक ऊंचा उठाने के उद्देश्य से आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल सुविधाएं प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन सुविधाओं का सही उपयोग सुनिश्चित करना भी है, ताकि खिलाडिय़ों को उसका वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने प्रशिक्षकों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कोचों को केवल उपस्थिति दर्ज कराना और सामान्य प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिणाम आधारित कार्यशैली अपनानी होगी। हर कोच को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके प्रशिक्षण से खिलाडिय़ों के प्रदर्शन में सुधार नजर आए।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोचों और खिलाडिय़ों को पर्याप्त संसाधन, आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने कार्य के प्रति गंभीर रहें और बेहतर परिणाम देने का प्रयास करें।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि यह खेल राज्य के गौरव से जुड़ा हुआ है और इसे और ऊंचाई तक ले जाना हम सभी का साझा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि कोच और खिलाड़ी मिलकर लक्ष्य निर्धारित करें और समर्पण के साथ कार्य करें, तो हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक सफलता हासिल करेंगे।
बैठक के दौरान खिलाडिय़ों और प्रशिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाएं बढ़ाने, प्रतिभाओं की समय पर पहचान करने और खिलाडिय़ों को निरंतर मार्गदर्शन देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
बैठक में पद्म श्री, खेल रत्न एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पहलवान योगेश्वर दत्त, हरियाणा कुश्ती महासंघ अध्यक्ष रमेश बोहर, खेल विभाग हरियाणा के उप निदेशक राममेहर सिंह व ओलंपिक, अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के अवॉर्डी खिलाड़ी, पुरस्कार विजेता पहलवान तथा विभाग में कार्यरत सभी कुश्ती प्रशिक्षकों ने भाग लिया।