न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 26 मई। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने एनसीआरबी द्वारा जारी ताज़ा अपराध आंकड़ों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्य अपने नियमों के अनुसार अलग-अलग तरीकों से मामले दर्ज करते हैं। बिजली चोरी, लापता व्यक्ति, प्रेम-प्रसंग में घर से भागने जैसी कुछ श्रेणियों में कई राज्य FIR दर्ज ही नहीं करते।
बिजली चोरी के मामले
केवल उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, झारखंड और राजस्थान ही बिजली चोरी के मामले दर्ज करते हैं। इस सूची में हरियाणा दूसरे स्थान पर है — 2024 में 41,532 मामले दर्ज किए गए।
लापता व्यक्तियों के मामले
लापता व्यक्तियों की श्रेणी में हरियाणा पहले स्थान पर है — 2024 में 16,020 मामले दर्ज हुए। जबकि ओडिशा, बिहार, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना जैसे राज्यों ने बहुत कम मामले दर्ज किए। सबसे ज़्यादा आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश इस सूची में 14वें स्थान पर है और उसने केवल 887 मामले दर्ज किए।
घर से भागने के मामले: इस श्रेणी में भी केवल बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान जैसे कुछ ही राज्य मामले दर्ज करते हैं, बाकी राज्यों में इसकी संख्या बहुत कम है।
मामले रद्द होने की संख्या भी उल्लेखनीय
एनसीआरबी 2024 के आंकड़ों में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। हरियाणा में 25,707 मामले रद्द किए गए, जो राजस्थान (47,912) के बाद दूसरे सबसे ज़्यादा हैं। देशभर में केवल 6 राज्य ऐसे हैं जहाँ 10,000 से अधिक मामले रद्द हुए, जबकि बाकी 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह संख्या 5,000 से कम है। यह आंकड़ा एक तरफ यह दर्शाता है कि हरियाणा में मामले दर्ज करने में कोई रोक-टोक नहीं है, लेकिन दूसरी तरफ इससे चार्जशीट दर कम — यानी 60.8% — रह जाती है।
असली रैंकिंग: हरियाणा 14वें स्थान पर
एनसीआरबी 2024 के आंकड़ों के आधार पर, जब बिजली चोरी, लापता व्यक्ति, घर से भागने के मामले और रद्द किए गए मामलों को हटाकर केवल वास्तविक अपराध के मामलों की गणना की गई, तो हरियाणा की राष्ट्रीय रैंकिंग 14वीं निकली। यह आंकड़ा 2023 से अपराध में आ रही गिरावट से भी मेल खाता है।
रैंकिंग में सुधार इस प्रकार रहा:
* बिजली चोरी के मामले हटाने पर: रैंकिंग चौथे से नौवें स्थान पर पहुँची
* लापता व्यक्तियों के मामले भी हटाने पर: रैंकिंग दसवें स्थान पर पहुँची
* 25,000 रद्द FIR को भी शामिल करने पर: रैंकिंग 14वें स्थान पर पहुँची
अपराध में लगातार गिरावट जारी
डीजीपी ने बताया कि पिछले चार-पाँच सालों में हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। अपराध दर में 2023 में 0.7%, 2024 में 13.3% और 2025 में अब तक 5.8% की कमी आई है। पिछले चार महीनों में अकेले 9.8% की गिरावट दर्ज की गई है। संपत्ति संबंधी अपराध, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों के खिलाफ अपराधों में 2024-25 की तुलना में लगभग 5 से 7% की कमी आई है,जो हरियाणा पुलिस की प्रभावी कार्रवाई का प्रमाण है।