Listen to this article
मात्र 22 दिन में सलाखों के पीछे पहुंचाए
7500 से अधिक अपराधी
गुरुग्राम की 99.99% सफलता दर, ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ में रिकॉर्ड तोड़ गिरफ्तारियाँ, पूरा राज्य हुआ सुरक्षित
संगठित अपराध से लेकर स्थानीय गैंग तक—हरियाणा पुलिस का ऑल–आउट हमला, 168 करोड़ की अवैध संपत्ति पर भी शिकंजा
चंडीगढ़, 29 नवंबर। अपराध के खिलाफ निर्णायक जंग में हरियाणा पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ अब एक ऐतिहासिक सफलता बन चुका है। इस अभियान का उद्देश्य अपराध की जड़ों को काटना और राज्य में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना था—और पुलिस ने इसे बेहतरीन ढंग से पूरा किया है। अभियान की तेज़ और योजनाबद्ध कार्रवाई ने अपराधियों के हौसले तोड़ दिए हैं।
अब तक 3066 कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य मामलों में लगातार चल रही धरपकड़ से 4521 अतिरिक्त आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। कुल मिलाकर, इस ऑपरेशन के दौरान 7587 अपराधियों को पकड़कर हरियाणा पुलिस ने कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि यह मिशन न केवल व्यापक है, बल्कि प्रभावशाली भी—जिसने अपराध पर सख़्त प्रहार करते हुए अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि हरियाणा में कोई भी अपराध बिना जवाबदेही के नहीं बचेगा।
…गुरुग्राम पुलिस का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, 865 अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ अव्वल
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान मिलेनियम सिटी गुरुग्राम ने पुलिस कार्रवाई में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। गुरुग्राम पुलिस ने सबसे ज़्यादा कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया। यहाँ 233 मामलों में कार्रवाई करते हुए 304 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी की गई, जिनमें से 74 अपराधी संगठित अपराध की गंभीर धाराओं में नामजद थे। इसके अलावा, अन्य अपराधों में संलिप्त 192 अन्य कुख्यात अपराधियों को भी पकड़ने में गुरुग्राम पुलिस ने सफलता हासिल की।
कुल मिलाकर, 865 अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ गुरुग्राम जिला पूरे राज्य में अव्वल रहा। यहाँ पुलिस की सटीकता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 305 कुख्यात अपराधियों की पहचान की थी, जिसमें से 304 को गिरफ्तार कर 99.99 प्रतिशत सफलता दर हासिल की। साथ ही, भविष्य में अपराध पर लगाम कसने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने 81 अपराधियों की हिस्ट्री शीट भी खोल दी है।
…राज्य भर में पुलिस कार्रवाई से आम जनता में बढ़ा विश्वास, फरीदाबाद दूसरे स्थान पर
गुरुग्राम के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी पुलिस का प्रदर्शन सराहनीय रहा। फरीदाबाद जिला इस मुहीम में दूसरे स्थान पर रहा, जहाँ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 138 कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। वहीं, सोनीपत जिले ने भी अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए 106 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। अपराध मुक्त हरियाणा की इस दौड़ में झज्जर जिला 90 गिरफ्तारियों के साथ चौथे और यमुनानगर जिला 86 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
हथियारों और नशा तस्करो पर बड़ी कार्रवाई
'ऑपरेशन ट्रैक डाउन' केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके संसाधनों को नष्ट करने में भी पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की। पुलिस ने अपराधियों के पास से 161 देसी कट्टे, 146 पिस्तौल और 537 कारतूस बरामद कर बड़ी अनहोनी को रोक दिया। इसके साथ ही, नशे के सौदागरों पर भी पुलिस ने कड़ी कार्यवाही की।
साढ़े 4 किलो से अधिक हेरोइन, 402 किलो चरस, 397 किलो गांजा और 799 किलो चूरा पोस्त की बरामदगी कर नशा तस्करों की कमर तोड़ दी गई। अवैध शराब के कारोबार पर भी नकेल कसते हुए साढ़े 12 हज़ार से अधिक बोतलें और 2985 लीटर से ज़्यादा लाहन ज़ब्त किया गया। वहीं, एसटीएफ (STF) की सतर्कता के चलते 2 हैंड ग्रेनेड और एक आईईडी (IED) की बरामदगी ने राज्य को बड़ी आतंकी साजिशों से बचाया है।
…आर्थिक साम्राज्य पर प्रहार, अवैध कमाई से जोड़ी गई सम्पत्ति धराशाई
करोड़ों की संपत्ति चिन्हित हरियाणा पुलिस ने अपराधियों को सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी पंगु बनाने की रणनीति अपनाई है। पुलिस ने अपराधियों की काली कमाई पर कड़ा प्रहार करते हुए तक़रीबन 201 अपराधियों की संपत्तियों की पहचान की, जिसकी कुल कीमत लगभग 168 करोड़ 89 लाख रुपये आंकी गई है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति की पहचान करने में सोनीपत जिला सबसे आगे रहा, जहाँ 44 अपराधियों की संपत्ति चिन्हित की गई।
इसके बाद नूंह (43), फतेहाबाद (38) और पलवल (26) का स्थान रहा। कार्रवाई को अंजाम तक पहुँचाते हुए पुलिस ने लगभग 24 लाख की संपत्ति को अटैच कर दिया है और 21 लाख की संपत्ति को नष्ट किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 32 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति पर कानूनी कार्रवाई अभी प्रक्रियाधीन है, जो यह स्पष्ट करता है कि अपराध से बनाई गई दौलत अब अपराधियों के किसी काम नहीं आएगी।
…भिवानी : 'ऑपरेशन ट्रैक डाउन' में बड़ी कामयाबी, संगठित गिरोह का चौथा सदस्य अक्षय गिरफ्तार
भिवानी पुलिस की सीआईए-2 टीम ने 'ऑपरेशन ट्रैक डाउन' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह के चौथे सदस्य अक्षय उर्फ राजपूत (निवासी रिवासा) को गिरफ्तार किया है। सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की टीम द्वारा पकड़ा गया अक्षय एक आदतन अपराधी है, जिस पर रंगदारी, चोरी, जान से मारने की धमकी और मारपीट के करीब 10 संगीन मामले भिवानी और रोहतक के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि पुलिस ने इसी गिरोह के तीन अन्य साथियों—विशांत, ओमबीर और योगेश—को बीते 16 नवंबर को अवैध हथियारों के साथ पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
…गुरुग्राम : चेन स्नैचिंग गिरोह का दूसरा आरोपी गिरफ्तार, 8 मुकदमों में था वांछित
गुरुग्राम की क्राइम ब्रांच सैक्टर-31 ने बाईक पर सवार होकर मंगलसूत्र झपटने की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के दूसरे आरोपी जयराम (उम्र 45) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 06 नवंबर 2024 को सैक्टर-39 में हुई चेन स्नैचिंग के मामले में काबू किया गया है। जयराम उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है और उसके खिलाफ उत्तराखंड समेत कई राज्यों में झपटमारी और चोरी के कुल 08 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस पहले ही इस गिरोह के पहले सदस्य जुगनू को गिरफ्तार कर चुकी है। छीने गए मंगलसूत्र की बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच ने आरोपी जयराम को माननीय अदालत से 02 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस द्वारा मामले का अनुसंधान जारी है।
…फरीदाबाद : दोस्त ही निकला हिमांशु भाटिया की हत्या का षडयंत्रकारी, क्राइम ब्रांच DLF ने किया गिरफ्तार
फरीदाबाद पुलिस ने टाउन नंबर-1, एनआईटी में 24/25 नवंबर की रात हुए हिमांशु भाटिया (27) हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) डीएलएफ की टीम ने मामले के मुख्य षडयंत्रकारी इक्षित (27), जो मृतक का दोस्त था, को 27 नवंबर को गिरफ्तार किया है। इक्षित ने अपने दोस्त हिमांशु की हत्या की योजना इसलिए बनाई क्योंकि हिमांशु उसकी बहन को परेशान करता था। इक्षित को पता था कि भरत और हिमांशु की कहासुनी चल रही है, जिसका फायदा उठाकर उसने भरत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
इक्षित के बुलाने पर जब हिमांशु मौके पर पहुंचा तो भरत ने चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने चाकू मारने वाले आरोपी भरत को 26 नवंबर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। षडयंत्रकारी इक्षित पर पूर्व में लड़ाई-झगड़े और आर्म्स एक्ट सहित सात मामले दर्ज हैं। मामले में आगे की पूछताछ और कड़ी कार्रवाई के लिए आरोपी इक्षित को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
अम्बाला पुलिस को बड़ी सफलता, अवैध हथियार सहित एक आरोपी गिरफ्तार
अपराधियों और अवैध हथियारों पर नकेल कसने के लिए अम्बाला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘ट्रैक डाउन’ के तहत एक बार फिर प्रभावी कार्रवाई की गई है। सीआईए-1 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 27 नवंबर 2025 को एक आरोपी को अवैध हथियार सहित मौके पर ही गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आदित्य उर्फ हैप्पी (निवासी रेल विहार मच्छौडा, अम्बाला छावनी) के रूप में हुई है, जिसे एनएच-44 दुखेड़ी मोड़ (थाना पड़ाव क्षेत्र) से काबू किया गया।
सीआईए-1 निरीक्षक हरजिन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी आदित्य के पास से तलाशी के दौरान एक अवैध देसी पिस्टल और एक ज़िंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने तुरंत आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) के तहत थाना पड़ाव में अभियोग संख्या 344 दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी आदित्य पर पहले से ही एडीपीएस, मारपीट और जुआ अधिनियम जैसी धाराओं के तहत लगभग 07 मुकदमे अम्बाला के विभिन्न थानों में दर्ज हैं, जो यह दर्शाता है कि वह एक आदतन अपराधी है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
What are your
Feelings