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हरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में 7वां सबसे बड़ा राज्य : नायब सिंह सैनी

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मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य के फूड प्रोसेसिंगलॉजिस्टिक्सइलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) व अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने को न्योता  

भारत उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है – मुख्यमंत्री 

हरियाणा भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता हैजिसने वर्ष 2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए

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न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 11 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने औद्योगिक समूहों और निवेशकों से राज्य के तेजी से विकसित हो रहे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में विस्तार कर रहे लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पार्क और अन्य क्षेत्रों में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।

TiECon चंडीगढ़ समिट 2026 में 12 देशों और 27 राज्यों से आए उद्यमियों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक अत्यंत अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया है, जहां निवेशकों का विश्वास बढ़ता है और उद्यमियों को भरपूर अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को लगातार सरल बना रही है, जिसमें डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हरियाणा ने विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग उद्योग देश और प्रदेश में तेजी से विस्तार कर रहा है, लगभग 28,000 इकाइयां पहले ही स्थापित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। लॉजिस्टिक्स के संदर्भ में उन्होंने बताया कि हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर है और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है, जहां लगभग 57 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र NCR में आता है, जिसे एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ईवी सेक्टर में निवेश को भी प्रोत्साहित किया, जहां एक प्रगतिशील नीति के तहत अनेक प्रोत्साहन और सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इस परिवर्तन में हरियाणा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जो राज्य पहले मुख्य रूप से कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब नवाचार, स्टार्टअप्स और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा स्टार्टअप पॉलिसी के तहत सरकार युवाओं को वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन, बुनियादी ढांचा और बाजार तक पहुंच प्रदान कर रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं, विशेष रूप से आईटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में 7वां सबसे बड़ा राज्य है, जहां 9,500 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले हैं। राज्य का लक्ष्य अगले चरण में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी को 60 प्रतिशत तक बढ़ाना है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य के 14 जिले और लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र NCR में आते हैं, जबकि लगभग 66 प्रतिशत क्षेत्र दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के प्रभाव क्षेत्र में आता है। राज्य में हवाई, रेल और सड़क मार्ग से उत्कृष्ट संपर्क सुविधा उपलब्ध है और यह भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जिसने वर्ष 2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए हैं।

उन्होंने प्रमुख नीतिगत पहलों का भी उल्लेख किया, जिनमें इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना शामिल है, जिसके तहत C और D श्रेणी के ब्लॉकों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये) तक पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भूमि की खरीद या लीज पर स्टांप ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण छूट दी जा रही है, जिसमें D श्रेणी के ब्लॉकों में 100 प्रतिशत, C श्रेणी में 75 प्रतिशत और A व B श्रेणी में 50 प्रतिशत की छूट शामिल है।

निवेशकों की सुविधा के लिए हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर द्वारा सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, 48 विभागों में 1,100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है ताकि नियामक बोझ को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें IMT सोहना में 500 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में एकीकृत मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब और हिसार में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। इसके अलावा, HSIIDC द्वारा IMT मानेसर की तर्ज पर राज्यभर में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों और उद्यमियों को मार्गदर्शन, संसाधन और नीतिगत सहयोग प्रदान करने का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार उनके विचारों को सफल उद्यमों में बदलने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी। इस अवसर पर उन्होंने TiECon चंडीगढ़ अवार्ड 2026 भी प्रदान किए।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पूरा सहयोग दे रही है और व्यापार व उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।

उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा आईटी और आईटीईएस के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बरवाला, पंचकूला में विकसित किए जा रहे आगामी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया।

इस दौरान TiE चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार, निदेशक शैलेंद्र त्यागी सहित अन्य ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

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