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हरविंद्र कल्याण ने मिड्ढा संग नेल्सन मंडेला से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर का किया भ्रमण

दक्षिण अफ्रीका की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहर ड्रेकेनस्टीन करेक्शनल सेंटर पहुंचे हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, विस उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्‌डा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा।
  • कहा – अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की नई प्रेरणा मिली
  • शिष्टमंडल ने अफ्रीकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को भी करीब से जाना

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 22 सितंबर। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहर ड्रेकेनस्टीन करेक्शनल सेंटर का भ्रमण किया। यह वही ऐतिहासिक स्थान है, जहां दक्षिण अफ्रीका के महान नेता और प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को उनकी लंबी सजा के अंतिम दिनों में रखा गया था। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा भी उनके साथ रहे।

नेल्सन मंडेला से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर के अवलोकन के दौरान विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि नेल्सन मंडेला अन्याय, भेदभाव और रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष करने वाले ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने पूरी दुनिया को समानता, स्वतंत्रता और मानव गरिमा का संदेश दिया। उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणादायक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर पहुंचकर इतिहास को केवल पढ़ने का नहीं, बल्कि उसे महसूस करने का अवसर मिलता है। नेल्सन मंडेला के संघर्ष और उनके विचारों से जुड़ी इस धरोहर के दर्शन कर उन्हें अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने तथा संघर्ष और कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की नई प्रेरणा मिली है।

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इसके उपरांत विधान सभा अध्यक्ष के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने अफ्रीकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित होने के लिए जनजातीय गांव मासाई का भ्रमण किया। शिष्टमंडल ने मासाई जनजाति की जीवनशैली, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक विरासत को करीब से जाना।

मासाई जनजाति अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक जीवनशैली और सदियों पुरानी परंपराओं के लिए जानी जाती है। शिष्टमंडल के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को समझने में रुचि दिखाई और अफ्रीका की विविध सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव किया।

विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विभिन्न देशों की ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक परंपराओं का अध्ययन आपसी समझ, सम्मान और वैश्विक भाईचारे को मजबूत करता है। ऐसे भ्रमण से इतिहास, संस्कृति और मानव सभ्यता के विविध आयामों को जानने का अवसर मिलता है।

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