Governor Gulab Chand Kataria ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की
बैठकों में पंजाब और चंडीगढ़ के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 29 सितंबर | पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन बैठकों में पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़े विकास और जनकल्याण के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठकों के दौरान नशामुक्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाढ़ प्रबंधन और सांस्कृतिक विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। राज्यपाल ने केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने और दोनों क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों को गति देने से संबंधित विभिन्न प्रस्ताव भी रखे।

President Droupadi Murmu से शिष्टाचार मुलाकात
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को दिसंबर में पंजाब के फाजिल्का जिले में आयोजित होने वाले विजय दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
यह समारोह असाफवाला वॉर मेमोरियल में आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल ने राष्ट्रपति को इस आयोजन से जुड़ी जानकारी दी और कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति का अनुरोध किया।
Vice President से Punjab University को लेकर चर्चा

राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी के विकास और उसकी शैक्षणिक स्थिति को लेकर चर्चा हुई।
इस दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी को देश की शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल करने के लक्ष्य पर बातचीत हुई। साथ ही विश्वविद्यालय में एआई सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति को उनकी हालिया चंडीगढ़ यात्रा के दौरान दिए गए आश्वासन की याद दिलाई। उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और शोध ढांचे को मजबूत करने से जुड़े मुद्दे भी सामने रखे।
Amit Shah से नशामुक्ति और पुनर्वास पर चर्चा
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर केंद्र से सहयोग की मांग की।
उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के बाद प्रभावित लोगों को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इससे उन्हें सामान्य जीवन में वापस लौटने में मदद मिल सकती है।
राज्यपाल ने पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने और प्रभावित लोगों के लिए रोजगार से जुड़े अवसर तैयार करने में केंद्र सरकार के सहयोग का अनुरोध किया।
Health Services को मजबूत करने की मांग

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुलाकात में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। राज्यपाल ने मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट की 36 अतिरिक्त सीटें स्वीकृत करने की मांग रखी।
इसके अलावा चंडीगढ़ रीजनल मेडिकल हब परियोजना को लेकर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने इस परियोजना को पूरी तरह सरकारी खर्च से विकसित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
Education और PEC से जुड़े प्रस्ताव

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ बैठक में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने पीईसी को पूरी तरह केंद्र पोषित संस्थान बनाने की मांग रखी।
उन्होंने इसके लिए पश्चिम बंगाल के बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, शिबपुर के मॉडल का हवाला दिया। इसके साथ ही यूजीसी नियम 2018 के तहत संस्थान के लिए कुलपति की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया।
राज्यपाल ने शिक्षा क्षेत्र में संस्थानों को मजबूत करने और उनकी प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्ताव केंद्र के सामने रखे।
Flood Management को लेकर उठाया मुद्दा

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के साथ बैठक में पंजाब के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने रावी नदी में आने वाली बाढ़ से अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट के प्रभावित इलाकों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि बार-बार आने वाली बाढ़ से इन क्षेत्रों में लोगों और संपत्ति को नुकसान होता है। राज्यपाल ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए लंबी अवधि की योजना तैयार करने की मांग की।
उन्होंने बाढ़ प्रबंधन से जुड़े उपायों को मजबूत करने और भविष्य में नुकसान को कम करने के लिए समन्वित रणनीति पर जोर दिया।
Cultural Development को लेकर भी चर्चा
राज्यपाल ने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का भी आभार जताया। उन्होंने खरड़ में ‘अज्ज सरोवर’ के लिए 93 करोड़ रुपये की मंजूरी का उल्लेख किया।
इसके अलावा चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित ले कोर्बुसिए केंद्र में डिजिटल म्यूजियम के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये की मंजूरी का भी जिक्र किया गया।
राज्यपाल ने इन परियोजनाओं को पंजाब और चंडीगढ़ के सांस्कृतिक विकास से जोड़ते हुए केंद्र के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
Punjab-Chandigarh Development पर केंद्र से समन्वय
राज्यपाल की इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के साथ समन्वय को मजबूत करना रहा। बैठकों में पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों से जुड़े विकास और जनकल्याण के मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया।
नशामुक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, बाढ़ प्रबंधन और संस्कृति से जुड़े प्रस्तावों पर केंद्र के सहयोग की मांग की गई। राज्यपाल ने विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र के साथ निरंतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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