Global Nair Summit 2026 का आयोजन नई दिल्ली के मावलंकर ऑडिटोरियम में हुआ
सम्मेलन में संस्कृति, शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा पर चर्चा हुई
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 21 सितम्बर। Global Nair Summit 2026 में वैश्विक नायर समुदाय के प्रतिनिधियों ने एकता, शिक्षा और Community Service को लेकर विचार साझा किए। कार्यक्रम में Rekha Gupta, केंद्रीय मंत्री और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान Sri Vidyadhiraja Vidyapeetham की शुरुआत की गई। वक्ताओं ने नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की जरूरत बताई।

Global Nair Summit 2026 में जुटे देश-विदेश के प्रतिनिधि
नई दिल्ली के संविधान क्लब ऑफ इंडिया स्थित मावलंकर ऑडिटोरियम में रविवार को Global Nair Summit 2026 और विद्याधिराजोल्सवम का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत सहित विदेशों से आए नायर समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का केंद्र संस्कृति, शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा रहा।
कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल नायर सेवा समाज ने NSS दिल्ली के सहयोग से किया। इसमें समुदाय के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
Rekha Gupta ने एकता और साझा विरासत पर दिया जोर

कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी और श्रीपाद येसो नाइक भी मौजूद रहे। आध्यात्मिक क्षेत्र से ब्रह्मऋषि डॉ. मोहनजी और स्वामी निजामृतानंद पुरी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अपने संबोधन में रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सभी लोगों की है। उन्होंने केरल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने आदि शंकराचार्य और चट्टम्पी स्वामिकल जैसे संतों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने भारत केसरी मन्नथु पद्मनाभन की विरासत को भी याद किया। उन्होंने दिल्ली में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में काम करने की बात कही। यह प्रस्ताव उनके सामाजिक योगदान की स्मृति से जुड़ा है।
Sri Vidyadhiraja Vidyapeetham की शुरुआत
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण Sri Vidyadhiraja Vidyapeetham के शैक्षणिक कार्यक्रम की शुरुआत रही। यह पहल अमृता विश्व विद्यापीठम से संबद्ध बताई गई है।
इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी के लिए शिक्षा और ज्ञान के अवसरों को बढ़ाना है। कार्यक्रम के शुभारंभ में स्वामी निजामृतानंद पुरी ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने इसे शिक्षा के माध्यम से युवा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
शिक्षा के साथ संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा होना चाहिए। वक्ताओं ने नई पीढ़ी तक परंपरागत मूल्यों को पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रतिनिधियों ने समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए व्यापक समाज के लिए योगदान देने की बात रखी। सम्मेलन में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक पहल को लेकर विचारों के आदान-प्रदान पर भी जोर रहा।
Community Service को बताया महत्वपूर्ण आधार
Global Nair Summit 2026 में Community Service को भी प्रमुख विषय के रूप में सामने रखा गया। वक्ताओं ने समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले नायर समुदाय को एक मंच से जोड़ना है। इसके साथ सांस्कृतिक निरंतरता, शैक्षणिक विकास और सामूहिक सामाजिक पहलों को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है।
आध्यात्मिक संदेश के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में ब्रह्मऋषि डॉ. मोहनजी ने अपना संबोधन दिया। उनके संदेश में करुणा, सेवा और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता पर जोर रहा।
सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया। प्रतिभागियों को शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सेवा से जुड़ी संभावित पहलों पर विचार साझा करने का अवसर मिला।
Global Nair Summit 2026 का समापन सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के साथ शिक्षा, सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश के साथ हुआ।
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