पंजाब में नशे की समस्या पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल, युवाओं से किए वादों का दिलाया ध्यान
नशा मुक्ति यात्रा के चौथे चरण के कार्यक्रम में अरनीवाला (फाजिल्का) में शामिल हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी
30 सितंबर तक 4,000 किलोमीटर का सफर तय कर 117 विधानसभा क्षेत्रों को करेगी कवर
न्यूज़म ब्यूरो
अरनीवाला/फाजिल्का, 21 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब की धरती कभी अपनी खुशहाली, जीवंतता और मेहनतकश युवाओं के लिए जानी जाती थी, लेकिन आज नशा पंजाब के युवाओं के भविष्य के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। नशे के खिलाफ शुरू की गई मुहिम को जन आंदोलन का रूप देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ी को बचाने की लड़ाई है।
मुख्यमंत्री सोमवार को अरनीवाला (फाजिल्का) में नशा मुक्ति यात्रा के चौथे चरण के कार्यक्रम में शामिल हुए और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से शुरू हुई यह यात्रा 30 सितंबर तक चलेगी तथा करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय करते हुए पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नशे के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों से छह महीने में नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन सरकार के कार्यकाल के अंतिम चरण में भी प्रदेश में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के वादे भी किए गए थे, लेकिन युवाओं को इसका कोई लाभ नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के उद्योगपति जब उनसे चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री निवास पर मिले और हरियाणा में उद्योग स्थापित करने की इच्छा जताई, तो उन्होंने उनसे कहा कि वे पंजाब में ही उद्योग लगाएं और वहीं के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा पंजाब की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाला समय भाजपा का होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में सरकार ने पारदर्शिता के साथ युवाओं को सरकारी रोजगार देने का काम किया है और ‘बिना खर्ची-बिना पर्ची’ भर्ती व्यवस्था को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री निवास पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करते हैं। हरियाणा सरकार ने चुनाव से पहले किए गए 217 संकल्पों में से 70 संकल्प पूरे कर दिए हैं और महिलाओं, किसानों, गरीबों तथा युवाओं के हित में अनेक योजनाओं को आगे बढ़ाया है।
हरियाणा में उपचार, रोजगार और खेल के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए उपचार, पुनर्वास, खेल और रोजगार के अवसरों को भी साथ लेकर चलना जरूरी है। हरियाणा सरकार द्वारा नशा मुक्ति केंद्रों में मुफ़्त उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी फसलों का एमएसपी सुनिश्चित करने, प्राकृतिक आपदा के समय आर्थिक सहायता देने तथा फसल खरीद का समय पर भुगतान किया जा रहा है। गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्के मकान उपलब्ध करवाए जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें शिक्षा, रोजगार, खेल और विकास के अवसर देना ही नशामुक्त समाज की मजबूत नींव है। उन्होंने पंजाब के लोगों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को जन आंदोलन बनाएं और नशे के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करें।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।


