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महाराष्ट्र में सूखे को लेकर फडणवीस का बड़ा ऐलान, शनिवार से पहले जारी होगी पहली अधिसूचना

मुख्यमंत्री ने कहा- बुधवार से फसलों के नुकसान का पंचनामा शुरू होगा, केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना राज्य सरकार देगी राहत

राहुल गुप्ता
मुंबई, 22 सितंबर।

महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे को लेकर पहली अधिसूचना शनिवार से पहले जारी कर दी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि किन इलाकों में सूखे जैसी स्थिति है और वहां सरकार की ओर से कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के बाद कहा कि राज्य के कई हिस्सों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि जो इलाके पहले चरण में छूट जाएंगे, उन्हें दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। फसलों के नुकसान का पंचनामा बुधवार से शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।

मक्का और कपास की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान

फडणवीस ने कहा कि राज्य के अधिकतर हिस्सों में फसलों पर मौसम की मार पड़ी है। मक्का और कपास की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जबकि कोकण क्षेत्र में धान की फसल भी प्रभावित हुई है।

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राज्य सरकार अपने स्तर पर राहत देने के साथ ही केंद्र सरकार से सहायता मांगने के लिए प्रस्ताव भी तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र से मदद मांगी जाएगी, लेकिन राज्य सरकार केंद्र के जवाब का इंतजार किए बिना अपने स्तर पर राहत का काम जारी रखेगी।

पीने के पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर जोर

सूखे जैसे हालात के बीच सरकार ने पीने के पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही है। महानगरपालिका, नगरपालिका और पंचायत संस्थाओं को पानी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जमीनी हालात के आधार पर तुरंत फैसले लेने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे की अगुवाई में एक समिति बनाई गई है। इसमें गिरीश महाजन और बाबासाहेब पाटील समेत अन्य मंत्री शामिल होंगे।

मुख्य सचिव की अगुवाई वाली समिति देगी सुझाव

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल इस समिति के सचिव होंगे। समिति प्रभावित इलाकों के जमीनी हालात की समीक्षा कर सरकार को सुझाव देगी और लोगों की शिकायतें भी सुनेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे के फैसले लेंगे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, समिति को कैबिनेट जैसे अधिकार भी दिए गए हैं। वह खुद भी प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और विधायकों के साथ किसानों के बांध तक जाकर हालात का जायजा लेंगे, ताकि किसान अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रख सकें।

सूखे की घोषणा के लिए एनडीआरएफ के नियम जरूरी

कर्नाटक की तरह महाराष्ट्र में भी सूखा घोषित करने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ के तय नियमों को पूरा करना जरूरी है। सरकार फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रही है। इससे पहले राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने भी सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से कदम उठाए जाने की बात कही थी।

एमपीएससी परीक्षा के पैटर्न पर भी बोले फडणवीस

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग यानी एमपीएससी परीक्षा में ऑब्जेक्टिव पैटर्न लागू करने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वी. राधा समिति छात्रों से बातचीत कर रही है। इससे पहले दळवी समिति ने भी इसी तरह की सिफारिश की थी।

फडणवीस ने कहा कि यदि समिति इसकी सिफारिश करती है तो सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी। उन्होंने एमपीएससी में रिकॉर्ड भर्ती होने की भी बात कही। वहीं, एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को उन्होंने गलत बताया और कहा कि विवाद उनके पद संभालने से पहले का है।

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