वाइल्डलाइफ गार्ड, आईआरबी कांस्टेबल, एसडीआरएफ कांस्टेबल और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर पदों के लिए पीएसटी-पीएमटी से भी छूट मिलेगी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 10 अक्टूबर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में, सरकारी विभागों में सेवा के लिए पूर्व-अग्निवीरों के प्रशिक्षण, अनुशासन और कौशल को मान्यता देते हुए उनके पुनर्वास और लाभपरक रोजगार को सुगम बनाने के लिए राज्य की अग्निवीर नीति में संशोधनों को मंजूरी दी गई।
स्वीकृत संशोधनों के तहत, पूर्व-अग्निवीरों को इस नीति के अंतर्गत आने वाले ग्रुप-सी पदों पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित सभी प्रकार की परीक्षाओं से छूट दी जाएगी। निर्धारित आरक्षण और अन्य भर्ती प्रावधानों के अधीन, विज्ञापित पदों के विरुद्ध सीधी नियुक्ति के लिए उनके नाम पर विचार किया जाएगा।
कैबिनेट ने पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड, इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) में कांस्टेबल तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व-अग्निवीरों को शारीरिक जांच परीक्षा (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से भी (यथा लागू) छूट की मंजूरी दी। इन पदों को हाल ही में राज्य की पूर्व-अग्निवीर आरक्षण नीति के तहत शामिल किया गया था।
ये संशोधन हरियाणा के मूल निवासी पूर्व-अग्निवीरों को निर्दिष्ट सरकारी पदों पर क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) आरक्षण प्रदान करने की हरियाणा सरकार की मौजूदा नीति के अनुरूप किए गए हैं।
परीक्षाओं से छूट की यह व्यवस्था नीति के अंतर्गत आने वाले ग्रुप-सी पदों पर सीधी भर्ती पर लागू होगी। हालांकि, नियुक्ति के बाद संबंधित विभागीय सेवा नियमों के अन्य सभी नियम, शर्तें और प्रावधान लागू होंगे।
कैबिनेट ने यह भी मंजूरी दी कि पूर्व-अग्निवीरों की नियुक्ति से उत्पन्न होने वाली किसी भी परिणामी कमी को संबंधित श्रेणी की भविष्य की भर्तियों में समायोजित किया जाएगा।
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