Punjab BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने Election Commission Statement का हवाला देते हुए कांग्रेस और AAP पर सवाल उठाए
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े प्रमुख फैसलों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलने की बात स्पष्ट की है
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 27 सितंबर | Election Commission Statement को लेकर पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस और AAP पर सवाल उठाए।
उन्होंने चुनाव आयोग के 26 सितंबर के संयुक्त बयान का हवाला दिया, जिसमें SIR से जुड़े प्रमुख फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई।
ढिल्लों ने Form-6 और कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र से जुड़े स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया।
चुनाव आयोग के अनुसार SIR प्रक्रिया, प्रशासनिक पत्राचार और Form-6 से संबंधित नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है।

Election Commission Statement पर केवल सिंह ढिल्लों की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने चुनाव आयोग के हालिया बयान को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि Election Commission Statement के बाद चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर स्थिति साफ हुई है।
ढिल्लों ने 26 सितंबर को चुनाव आयोग की पूर्ण बैठक के बाद जारी बयान का हवाला दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि देशभर में Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़े उसके प्रमुख आदेश पूर्ण आयोग की सहमति से जारी किए गए थे।
SIR Orders को लेकर Election Commission का बयान
चुनाव आयोग के मुताबिक 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू करने संबंधी आदेश तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी के बाद जारी हुआ था। आयोग ने यह भी कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 27 अक्टूबर 2025 को जारी कार्यक्रम तथा 19 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को जारी कार्यक्रम भी सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने 24 जून 2025 के SIR आदेश को बरकरार रखा था। आयोग के अनुसार बाकी 12 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही अंतिम मतदाता संख्या स्पष्ट होगी।
Congress और AAP से ढिल्लों ने मांगा रुख
केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस और AAP से सवाल किया कि आयोग के इस बयान के बाद वे इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि आयोग के संयुक्त बयान के बाद विपक्ष की ओर से लगाए गए कुछ आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। हालांकि, ये राजनीतिक दावे ढिल्लों के बयान का हिस्सा हैं और उन्हें चुनाव आयोग के आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Cabinet Secretary Letter पर भी आयोग की सफाई
Election Commission Statement में कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्रों पर भी स्पष्टीकरण दिया गया। आयोग ने कहा कि ये पत्र किसी नीतिगत फैसले या उसके IT Division से संबंधित नहीं थे।
आयोग के मुताबिक मामला चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा प्रशासनिक विषय था। आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी की ओर से किए गए कुछ कामों में बदलाव संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए। साथ ही IT Division की निगरानी भी वास्तव में हटाई नहीं गई थी।
ढिल्लों ने कहा कि इस मुद्दे को SIR की नीति से जोड़कर देखने से भ्रम पैदा हुआ। उन्होंने विपक्ष द्वारा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का भी जिक्र किया।
Form-6 को लेकर क्या बोला Election Commission?
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि SIR अवधि में Form-6 के साथ लगा घोषणा-पत्र सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया है।
साथ ही आयोग ने कहा कि गैर-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत लागू Form-6 का इस्तेमाल जारी रहेगा। यानी SIR और गैर-SIR अवधि के लिए संबंधित नियमों के अनुसार प्रक्रिया अलग हो सकती है।
Commission Meetings को लेकर भी नए निर्देश
आयोग ने अपने बयान में भविष्य की बैठकों और प्रशासनिक कामकाज को लेकर भी कुछ निर्देश बताए। इसके मुताबिक बैठकों का एजेंडा पहले से साझा किया जाएगा और बैठक की कार्यवाही के मिनट्स जारी किए जाएंगे।
आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव आयुक्तों की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का पालन पूरी तरह किया जाएगा। आयोग ने मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा बताया।
Punjab Politics में मुद्दा बना Election Commission
चुनाव आयोग के बयान के बाद Punjab Politics में भी SIR का मुद्दा चर्चा में है। केवल सिंह ढिल्लों ने आयोग के स्पष्टीकरण को आधार बनाकर कांग्रेस और AAP से जवाब मांगा है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल पहले उठाए जाते रहे हैं।
फिलहाल चुनाव आयोग ने SIR, Form-6 और कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र से जुड़े अपने रुख को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है। इन स्पष्टीकरणों के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
