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Dushyant Chautala का सरकार पर निशाना, मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के खाली पदों को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

Dushyant Chautala raises questions over doctor shortages Dushyant Chautala raises questions over doctor shortages
Dushyant Chautala raises questions over doctor shortages

हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों के खाली पदों को लेकर Dushyant Chautala ने सरकार पर सवाल उठाए

उन्होंने मेडिकल शिक्षा और मरीजों के इलाज को लेकर चिंता जताई

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 20 सितंबर। फरीदाबाद में जनसंपर्क के दौरान Dushyant Chautala ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में खाली पद भरने और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की मांग की।

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री Dushyant Chautala ने प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की कमी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल मेडिकल कॉलेजों की इमारतें बनाने से स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर नहीं हो सकतीं। इसके लिए पर्याप्त डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है।

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Dushyant Chautala raises questions over doctor shortages
Dushyant Chautala raises questions over doctor shortages

मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में पद खाली

Dushyant Chautala ने दावा किया कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और शिक्षकों के कई पद खाली हैं। उनके अनुसार, इससे मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और मरीजों के इलाज दोनों पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और नूंह के मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत पदों और रिक्तियों का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि पीजीआई रोहतक में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं।

हालिया रिपोर्टों में भी हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी का उल्लेख किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के आठ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 67 प्रतिशत स्वीकृत डॉक्टर पद खाली बताए गए हैं।

डॉक्टरों की कमी से इलाज पर असर

Dushyant Chautala ने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर और कर्मचारी नहीं होंगे तो मरीजों को बेहतर उपचार देना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से पूछा कि बिना पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ के नई स्वास्थ्य इमारतों का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की जिम्मेदारी केवल मरीजों का उपचार करना नहीं है। वे मेडिकल छात्रों को प्रशिक्षण भी देते हैं। ऐसे में खाली पदों का असर चिकित्सा शिक्षा पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि डॉक्टरों के लिए काम करने की परिस्थितियां पर्याप्त बेहतर नहीं हैं। इसी कारण कई पद खाली रहने की स्थिति बनी हुई है। यह दावा उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।

इसके बाद Dushyant Chautala ने पृथला विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूचियों की जांच का मुद्दा भी उठा। Dushyant Chautala ने दावा किया कि पृथला क्षेत्र में करीब 45 हजार मतदाताओं के नाम आपत्ति के दायरे में आए हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों की बारीकी से जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तुरंत जानकारी दी जानी चाहिए।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से भी मतदाताओं से मतदाता सूची जांचने और पात्र नाम छूटने पर दावा दाखिल करने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य व्यवस्था और मतदाता अधिकार दोनों मुद्दे

Healthcare System and Voter Rights Both Remain Key Issues
Healthcare System and Voter Rights Both Remain Key Issues

इस दौरान Dushyant Chautala ने स्वास्थ्य सेवाओं और मतदाता अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने सरकारी मेडिकल संस्थानों में रिक्त पद भरने की जरूरत बताई।

वहीं, उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों की निगरानी करने का आह्वान किया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा जरूरी है।

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और रिक्त पदों का मुद्दा फिलहाल हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख चर्चाओं में शामिल है।

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