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कमजोर विदेश नीति के चलते देश की अर्थव्यवस्था पर हो रहा चौतरफा प्रहार : दीपेन्द्र हुड्डा

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संसद के बजट सत्र में हर वर्ग से जुड़े मुद्दों को उठायेंगे : दीपेन्द्र हुड्डा
आज डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत सबसे कमजोर है, बेतहाशा महंगाई, रिकार्ड बेरोजगारी को देखते हुए देश को अच्छे बजट की जरूरत : दीपेन्द्र हुड्डा
कांग्रेस सरकार के समय मंजूर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, रेल कोच फैक्ट्री, AIIMS बाढ़सा में मेडिकल कॉलेज समेत 11 राष्ट्रीय संस्थान, INDU गुरुग्राम जैसी सभी लंबित परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट देकर उनका काम आगे बढ़ाया जाए : दीपेन्द्र हुड्डा

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 29 जनवरी। दीपेन्द्र हुड्डा ने आगामी बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, रक्षा बजट बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकार की सिफारिश को सरकार ही नहीं मान रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नेशनल हेल्थ पॉलिसी की सिफारिश है कि जीडीपी का 2.5% हेल्थ को दिया जाए, लेकिन सरकार 1.4% बजट ही दिया। इसी तरह शिक्षा में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी कहती है कम से कम जीडीपी का 6% शिक्षा को दिया जाए, लेकिन सरकार 4.5% ही दे रही। अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में नेशनल साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी के अनुसार जीडीपी का 2% R&D पर खर्च होना चाहिए पर सरकार केवल 0.6% ही खर्च के लिए दे रही है। स्टैंडिंग कमिटी ऑफ डिफेंस बार-बार कह रही है कि कम से कम जीडीपी का 3% डिफेंस को दिया जाए। मगर सरकार डिफेंस में 1.9% ही बजट दे रही है। जो 1962 के बाद, सबसे कम बजट है। 1962 से हमारा डिफेंस बजट हमेशा 2% से ऊपर रहा। जहां तक व्यापार घाटे का सवाल है 2025 के अक्टूबर में यह घाटा 41.7 बिलियन डॉलर्स रिकार्ड हुआ जो 78 साल का सबसे ज्यादा है। जीडीपी का करंट अकाउंट डेफिसिट आज 1.3% है। देश-प्रदेश की सरकारों पर आज तक इतना कर्जा नहीं चढ़ा, आज जीडीपी का 82% कर्ज है। स्टार्टअप इंडिया की बजाय 'शट डाउन इंडिया' हो गया है। 'मेक इन इंडिया' 'मेड फॉर इंडिया' हो रहा है।

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सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने आज संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि कमजोर विदेश नीति के चलते देश की अर्थव्यवस्था पर चौतरफा प्रहार हो रहा है। ऐसे में महत्त्वपूर्ण है कि बजट देश के आम आदमी को नजर में रखते हुए उन्हें राहत देने वाला होना चाहिए। देश के इतिहास में आज डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत सबसे कमजोर है। देश के इतिहास में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। ऐसे में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आगामी बजट देश के आम आदमी को ध्यान में रखकर बनाया जाए और उन्हें राहत प्रदान करे। आज पूरे देश में किसान-मजदूर कराह रहे हैं, इसलिए देश को एक अच्छे बजट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गरीब और अमीर के बीच की खाई बढ़ी है, पिछले 10 साल में 16 लाख करोड़ के कर्ज माफ हुए, देश की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा मोनोपॉली ड्योपॉली प्राइवेट सेक्टर को दी गई। दीपेन्द्र हुड्डा ने उम्मीद जताई कि बजट में हरियाणा के हक को हमेशा की तरह नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और केंद्र सरकार उन पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि संसद के बजट सत्र में हर वर्ग से जुड़े मुद्दों को उठायेंगे।

उन्होंने मांग करी कि आगामी 1 फरवरी को पेश होने जा रहे बजट में उनके द्वारा मंजूर कराई गई बड़ी परियोजनाओं जैसे महम में अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, गोहाना में रेल कोच फैक्ट्री, AIIMS बाढ़सा में मेडिकल कॉलेज समेत 11 राष्ट्रीय संस्थान, गुड़गांव में इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी आदि सभी लंबित परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट देकर उनका काम आगे बढ़ाया जाए। कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा में 88 Km. मेट्रो का विस्तार हुआ, लेकिन 12 साल से एक इंच भी मेट्रो विस्तार नहीं हुआ, उस मेट्रो को भी आगे बढ़ाया जाए। कॉमनवेल्थ खेल 2030 की सह-मेजबानी के लिए हरियाणा को चयनित किया जाए। भारत सरकार द्वारा गुजरात में घोषित कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलंपिक 2036 का मेजबान या सह-मेजबान राज्य हरियाणा को बनाया जाए। कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलंपिक 2036 में हरियाणा को कम से कम को-होस्ट राज्य बनाने से लाखों करोड़ के बजट में से हरियाणा के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी खर्च होगा, खेल ढांचे में सुधार होगा।

 

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