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पूर्व सैनिकों का अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवाभाव समाज के लिए आदर्श : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल

न्यूज़म ब्यूरो
 
शिमला, 15 जनवरी, 2026 : हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पूर्व सैनिक अपने सेवा काल के उपरांत भी राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उनका अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवाभाव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राज्यपाल ने आज हमीरपुर जिला के सुजानपुर में पूर्व सैनिक लीग सुजानपुर और सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट द्वारा आयोजित सेना दिवस एवं वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। 
 

सेना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि 15 जनवरी भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और देशभक्ति की याद दिलाता है। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले वीरों और परिजनों को कृतज्ञ राष्ट्र नमन करता है।
भारतीय सेना केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की प्रहरी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और विषम हालात में देश सेवा करते हुए सैनिक राष्ट्रीय गौरव को बनाए रखते हैं और उनका बलिदान व समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

राज्यपाल ने पूर्व सैनिक लीग जैसे संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संगठन सैनिकों के मूल्यों और अनुभवों को समाज से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट की निरंतर समाज सेवा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा गरीबों व जरूरतमंदों के कल्याण के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर, दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, महिला सशक्तिकरण, वंचित परिवारों को सहायता तथा आपदा की स्थिति में निःस्वार्थ सेवा जैसे सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि सेना दिवस पर हर वर्ष भारतीय सेना, पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों और वीर नारियों को सम्मानित करने वाले कार्यक्रम राष्ट्र के कृतज्ञ भाव को सुदृढ़ करते हैं। सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू करने, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के निर्माण, रक्षा पेंशन प्रणाली के सरलीकरण, पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा वीर नारियों और आश्रितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं जैसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत सेना ही सुरक्षित भारत की नींव है।
आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ते स्वदेशीकरण से सशस्त्र बल सशक्त हो रहे हैं और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालिया सैन्य अभियानों ने सशस्त्र बलों के प्रति जनविश्वास को और मजबूत किया है तथा शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को सुरक्षा और गरिमा से समझौता किए बिना दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने युवाओं से सैनिकों के अनुशासित जीवन और सपर्मण भाव से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
पूर्व सैनिकों द्वारा प्रभावशाली मार्च-पास्ट की राज्यपाल ने सलामी ली। जिले से पूर्व सैनिकों की आठ टुकड़ियों ने परेड में भाग लिया। इस अवसर पर राजस्थान से आए कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
 

राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले व्यक्तियों को ‘शाने हिमाचल’ पुरस्कार से सम्मानित किया तथा ‘शाने हिंद’ पुरस्कार भी प्रदान किए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह तथा लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) बी.एस. जसवाल ने भी संबोधित किया। 
 
ट्रस्ट के अध्यक्ष अभिषेक राणा ने राज्यपाल का स्वागत किया और संगठन की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायकगण, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, पूर्व विधायकगण तथा अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
 

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