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सरकारी स्कूलों का ढांचागत विकास करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्रदेश सरकार की है मुख्य प्राथमिकता : शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

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चंडीगढ़, 3 दिसंबर : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की ढांचागत स्थिति को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं आधुनिक शिक्षण माहौल उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में सरकार स्कूलों में स्मार्ट शिक्षा पर जोर देने के साथ-साथ विद्यार्थियों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है।
 
शिक्षा मंत्री आज पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में करीब 26 हजार स्मार्ट क्लास बोर्ड उपलब्ध करवाए गए हैं, जिससे विद्यार्थी तकनीकी रूप से सक्षम हो रहे हैं। इसके साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं को भी और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी बिना बाधा अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
 
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था करवाई जा रही है, ताकि बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों के निर्देश दिए कि जल्द से जल्द शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रांसफर का शेड्यूल जारी किया जाए।
 
बैठक में अवगत कराया कि पूरे देश में हरियाणा ऐसा एकमात्र राज्य है जहां सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे-मील में विशिष्ट और पौष्टिक मेन्यू उपलब्ध कराया जाता है। विद्यार्थियों को मिड-डे-मील में दूध, खीर, पिन्नी और अन्य पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके अतिरिक्त भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसकी जांच भारत सरकार द्वारा स्वीकृत प्रयोगशाला से करवाई जाती है।
 
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी स्कूल भवनों के निर्माण कार्यों को गति दी जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी को पढ़ाई के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है। अधिकारी समय-समय पर सरकारी स्कूलों का दौरा करें, खामियों को चिन्हित करें और उन्हें दूर करने की दिशा में तुरंत कार्यवाही करें।
 
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक समय पर कक्षाओं में पढ़ाई करवाना सुनिश्चित करें। अध्यापन कार्य में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 
उन्होंने निर्देश दिए कि एसीपी व मेडिकल से संबंधित सभी लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता से और शीघ्रता से किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
 
ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि हरियाणा के सरकारी स्कूल आधुनिक सुविधाओं, समृद्ध संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण से लैस हों। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का प्रत्येक बच्चा मजबूत बुनियाद और उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ सके।
 
बैठक में एसीएस स्कूल शिक्षा विनित गर्ग, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी राज नेहरू, मौलिक शिक्षा महानिदेशक विवेक अग्रवाल, स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र दहिया व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
 
 
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