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ASHA Workers को अब मिलेंगे ₹6,000, दिल्ली कैबिनेट का फैसला

Delhi Cabinet approves doubling the monthly incentive for ASHA workers to ₹6,000 Delhi Cabinet approves doubling the monthly incentive for ASHA workers to ₹6,000
Delhi Cabinet approves doubling the monthly incentive for ASHA workers to ₹6,000

दिल्ली सरकार ने 6,725 आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को 3,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया

जानिए फैसले से जुड़ी पूरी जानकारी

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 16 सितंबर। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन को दोगुना किया। अन्य प्रोत्साहन पहले की तरह जारी रहेंगे।

Delhi Cabinet approves doubling the monthly incentive for ASHA workers to ₹6,000
Delhi Cabinet approves doubling the monthly incentive for ASHA workers to ₹6,000

दिल्ली में ASHA Workers का मासिक प्रोत्साहन दोगुना

दिल्ली सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को दोगुना करने का फैसला किया है। अब उन्हें हर महीने 6,000 रुपये मिलेंगे।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इस निर्णय से दिल्ली की 6,725 आशा कार्यकर्ताओं को लाभ मिलेगा।

ASHA Workers को अब मिलेंगे 6,000 रुपये

सरकार के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं को पहले 3,000 रुपये का निश्चित मासिक प्रोत्साहन मिलता था। अब यह राशि बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि अन्य प्रोत्साहन पहले की तरह जारी रहेंगे। यानी नई राशि के साथ मौजूदा प्रोत्साहनों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली सरकार ने इस फैसले को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा है। सरकार के अनुसार, इससे आशा कार्यकर्ताओं की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में निभाती हैं अहम भूमिका

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आशा कार्यकर्ता समुदाय और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देती हैं। वे लोगों को टीकाकरण के लिए भी जागरूक करती हैं।

इसके अलावा, वे गर्भवती महिलाओं और नई माताओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ती हैं। स्वास्थ्य एवं पोषण दिवसों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेती हैं। वे सर्वेक्षण और सामुदायिक बैठकों में भी सहयोग करती हैं।

कोविड काल में भी निभाई जिम्मेदारी

कोरोना महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं। उन्होंने समुदायों के बीच स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में सहयोग किया।

सरकार के अनुसार, आमतौर पर एक आशा कार्यकर्ता करीब 2,000 लोगों से जुड़ी होती हैं। यह संख्या लगभग 400 परिवारों के बराबर है।

इस जिम्मेदारी के कारण आशा कार्यकर्ता प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई हैं।

सरकार ने बताया प्राथमिकता वाला फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लंबे समय से प्रोत्साहन बढ़ाने पर चर्चा कर रही थी। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई राशि आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को मान्यता देगी। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा।

सरकार का कहना है कि इस फैसले से दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। साथ ही महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।

बढ़ा हुआ प्रोत्साहन आशा कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभाने में मदद करेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता भी मजबूत होने की उम्मीद है।

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