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देबश्री मुखर्जी ने एनएसटीआई में किया सीआईटीएस इलेक्ट्रीशियन वर्कशॉप का उद्घाटन

‘विकसित भारत 2047’ में कौशल विकास के जरिए युवाओं को सशक्त बनाने को ‘क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम’ इलेक्ट्रीशियन वर्कशॉप का उद्घाटन

यह एक अत्याधुनिक सुविधा है जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिकल ट्रेड में प्रशिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाना है

न्यूज़म ब्यूरो

देहरादून। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार की सचिव देबश्री मुखर्जी ने शुक्रवार को एनएसटीआई देहरादून का दौरा किया। उन्होंने सीआईटीएस इलेक्ट्रीशियन वर्कशॉप का उद्घाटन भी किया।

भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने 1 मई 2026 को NSTI देहरादून में MSDE की सचिव, श्रीमती देबश्री मुखर्जी (IAS) के दौरे के साथ तकनीकी प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया।

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इस दौरे के दौरान सचिव देबश्री मुखर्जी ने औपचारिक रूप से नव-स्थापित ‘क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम’ (CITS) इलेक्ट्रीशियन वर्कशॉप का उद्घाटन किया। यह एक अत्याधुनिक सुविधा है जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिकल ट्रेड में प्रशिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाना है। यह लैब आधुनिक उपकरणों, उन्नत प्रशिक्षण मॉड्यूल्स और उद्योग-प्रासंगिक साजो-सामान से सुसज्जित है, जिन्हें बदलते तकनीकी मानकों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

कार्यक्रम में अपने संबोधन में सचिव देबश्री मुखर्जी ने एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल के निर्माण की आधारशिला के रूप में उच्च-गुणवत्ता वाले प्रशिक्षक प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। CITS इलेक्ट्रीशियन लैब के उद्घाटन से प्रशिक्षक प्रशिक्षुओं की व्यावहारिक प्रशिक्षण क्षमताओं में काफी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे समग्र कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र और मजबूत होगा।

इस दौरे में प्रशिक्षुओं और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत भी शामिल थी, जहाँ सचिव ने उद्योग की जरूरतों के अनुरूप सक्षमता-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने में संस्थान के प्रयासों की सराहना की। सचिव ने प्रशिक्षुओं को कौशल उन्नयन में सक्रिय रूप से शामिल होने और नौकरी के बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर अमृत पाल सिंह (क्षेत्रीय निदेशक, RDSDE उत्तराखंड), ज्ञान प्रकाश चौरसिया (उप निदेशक/प्राचार्य, NSTI देहरादून), आर्यन जांगड़ा (उप निदेशक, RDSDE उत्तराखंड) तथा NSTI देहरादून के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और प्रशिक्षु उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन संस्थान की सुविधाओं के दौरे और चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ हुआ।

बता दें कि यह पहल कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र के विकास में सहयोग देने तथा ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को प्राप्त करने के लिए एक अत्यधिक कुशल कार्यबल तैयार करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

 

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