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DCOIWA ने दी ललित गोयल को विदाई, हरियाणा में दवा नियमन को ऊंचाई पर पहुंचाया

न्यूज़म ब्यूरो 

पंचकूला। अम्बाला कैंट के गाँव बब्याल से निकलकर हरियाणा के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर के पद तक पहुँचने वाले तेजतर्रार अधिकारी ललित गोयल बीती 30 मार्च को पद से रिटायर हो गए।

इस मौके पर ड्रग्स कण्ट्रोल ऑफिसर्स ( इंडिया ) वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कोटेश्वर राव ने बताया कि विभिन्न दवाओं और पहलों की नियामक नीतियों को हरियाणा लागू करता है, जो गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता में अहम योगदान देता है।

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नकली और जाली दवाओं के खतरे को रोकने में उनके सक्रिय दृष्टिकोण से राज्य औषधि नियंत्रक, हरियाणा के कार्यालय ने उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ाया और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में विश्वास को मजबूत किया है।

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ड्रग्स कण्ट्रोल ऑफिसर्स ( इंडिया ) वेलफेयर एसोसिएशन कि ओर से बताया गया कि राज्य औषधि नियंत्रक रहे ललित गोयल मार्च कि आखिरी तारिख को पद से रिटायर हो गए। गोयल ने अपनी भूमिका में विशिष्ट और समर्पित सेवा प्रदान की है।

साथ ही पूरे हरियाणा राज्य में दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों की सुरक्षा, प्रभावकारिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अपने पूरे कार्यकाल के दौरान ललित गोयल ने नियामक तंत्र को मजबूत करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति अनुकरणीय नेतृत्व और अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।

उन्होंने प्रभावी मानकों के हितधारकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, फार्मास्युटिकल नियामक अनुपालन को उच्चतम बनाए रखने के लिए गोयल के समर्पण ने उन्हें उद्योग सहित स्वास्थ्य पेशेवरों और नियामक अधिकारियों से बहुत सम्मान और प्रशंसा अर्जित की है।

ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर्स (इंडिया) वेलफेयर एसोसिएशन (DCOIWA) दवा विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ललित गोयल के अमूल्य योगदान के लिए गहरी सराहना करता है।

ड्रग्स कण्ट्रोल ऑफिसर्स ( इंडिया ) वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कोटेश्वर राव ने बताया कि हम ललित गोयल को सुखी, स्वस्थ और पूर्ण सेवानिवृत्त जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।

दिलचस्प है कि ललित गोयल का कार्यकाल तकरीबन आठ माह का ही रहा, लेकिन इस बीच में उन्होंने विभाग में जो छाप छोड़ी, उसे याद किया जा रहा है।

अपने कार्यकाल में उन्होंने औचक निरीक्षणों कि नयी ओर अनवरत परम्परा शुरू की ओर नशे में दुरूपयोग का साधन बनने वाली दवाओं की सप्लाई चेन को तोडना उनकी प्राथमिकता रहा।

हरियाणा के साथ लगते राज्यों के अपने समकक्ष अङ्गिकरियों के साथ नियमित बैठकें करके समन्वय स्थापित करते हुए उन्होंने इंटर स्टेट लेवल पर अवैध गतिविधियों पर पुख्ता नकेल कसने का काम भी किया। बता दें कि पहली अप्रैल से राज्य औषधि नियंत्रक के पद को रिपन मेहता संभाल रहे हैं।

 

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