Dalit Rights को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर निशाना साधा
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता दलित समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 26 सितंबर | पंजाब में Dalit Rights को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता दलित समुदाय को लेकर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं।
चीमा ने चंडीगढ़ में जारी अपने बयान में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित पार्टी के अलग-अलग नेताओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बयानों और रवैये से दलित समुदाय को लेकर उसका रुख सामने आता है। ये आरोप आम आदमी पार्टी नेता की ओर से लगाए गए हैं।
ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫ਼ਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਤੋਂ Live https://t.co/wEY4j5uJtu
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 26, 2026
Dalit Rights पर चीमा ने कांग्रेस को घेरा
हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से दलित समाज से जुड़े लोगों पर टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ नेता स्वर्गीय बूटा सिंह का भी जिक्र किया।
चीमा के मुताबिक, बूटा सिंह के रंग और जाति को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मौकों पर कांग्रेस के नेताओं के बयानों से दलित समुदाय को लेकर असंवेदनशीलता दिखाई देती है।
चीमा ने इन बयानों को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। हालांकि, जिन टिप्पणियों का उन्होंने उल्लेख किया, उनके संबंध में विस्तृत संदर्भ या संबंधित नेताओं का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं था।
Dalit Rights: नमोल गांव की घटना का भी जिक्र
वित्त मंत्री ने अपने बयान में संगरूर के नमोल गांव की हालिया घटना का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि गांव की कुछ महिलाओं ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं से जुड़े कथित नशे की बिक्री के प्रयासों पर सवाल उठाए थे।
चीमा ने आरोप लगाया कि इसके बाद दलित महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल दलित समुदाय के सम्मान से जुड़े सवाल खड़े करता है।
हालांकि, नमोल मामले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए हैं। हाल की रिपोर्टों में गांव के एक व्यक्ति के जहर खाने की घटना और उसके खिलाफ दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ कई प्राथमिकी और पूर्व मामलों की जानकारी दी थी।
इस वजह से नमोल प्रकरण को लेकर राजनीतिक आरोपों और उपलब्ध पुलिस जानकारी को अलग-अलग देखना जरूरी है। घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि हर स्तर पर उपलब्ध नहीं है।
Congress Politics पर हरपाल चीमा का जवाब
हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता सरकार को घेरने के लिए सामाजिक मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चीमा के अनुसार, सरकार के कामकाज से परेशान होकर कांग्रेस सामाजिक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के कथित दलित विरोधी बयानों और गतिविधियों की आलोचना की।
यह बयान पंजाब की मौजूदा राजनीतिक खींचतान के बीच सामने आया है। राज्य में नशे और सामाजिक मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी तथा विपक्षी दलों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं।
Dalit Community को लेकर राजनीतिक बहस
पंजाब की राजनीति में दलित समुदाय से जुड़े मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। मौजूदा विवाद में भी नशे, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक बयानों के साथ दलित सम्मान का मुद्दा जोड़ा जा रहा है।
हाल के हफ्तों में गुलजार सिंह की मौत और नमोल गांव की घटना को लेकर भी विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। विपक्षी दलों ने चीमा पर सवाल उठाए हैं, जबकि चीमा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।
ऐसे में Dalit Rights को लेकर सामने आए ताजा बयान पंजाब की राजनीति में सामाजिक मुद्दों की बढ़ती भूमिका को दिखाते हैं। कांग्रेस की ओर से इस विशेष बयान पर विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है। इसलिए चीमा द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: “पौधे लगाना अंत नहीं, उनकी देखभाल जरूरी” : Mission Green Delhi में 71 लाख पौधरोपण का आंकड़ा पार
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।
