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चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाने वालों के साथ कांग्रेस : हर्षवर्धन

बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ जिम्मेदारी तय होनी चाहिए

मुंबई, 02 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ आवाज उठाने वाले सभी लोगों को कांग्रेस का समर्थन रहेगा। सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनके ये आरोप कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति के रूप में सामने आए हैं। चुनाव आयोग स्वयं अपने पोर्टल पर 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करा रहा है।

गांधी जयंती पर मणिभवन पहुंचे कांग्रेस नेता

गांधी जयंती के अवसर पर कांग्रेस के प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई स्थित ऐतिहासिक मणिभवन का दौरा किया। इस अवसर पर AICC सचिव बी.एम. संदीप, रेहाना चिस्ती, पूर्व मंत्री अनीस अहमद, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक धीरज देशमुख, प्रदेश महासचिव एडवोकेट संदेश कोंडविलकर, जोजो थॉमस, ब्रिज दत्त और मोनिका जगताप सहित अन्य नेता उपस्थित थे।

सपकाल ने कहा कि महात्मा गांधी का मणिभवन से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है और यहां कई महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां हुई थीं। उन्होंने कहा कि गांधीजी को केवल जयंती और पुण्यतिथि पर याद करने के बजाय उनके विचारों और संविधान के मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

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चुनाव आयोग के फैसलों पर स्पष्टीकरण की मांग

चुनाव आयोग से जुड़े सवाल पर सपकाल ने दावा किया कि फॉर्म-6 में किए गए कुछ बदलावों को वापस लेना पड़ा है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए पूछा कि निर्वाचन अधिकारियों से संबंधित अधिकार किसी निजी कंपनी को देने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया था। उन्होंने इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की।

सपकाल ने चुनावी व्यवस्था से जुड़े अपने आरोपों के संदर्भ में आंदोलन जारी रखने की बात भी कही। इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से संबंधित निर्णयों और प्रक्रियाओं के आधिकारिक दस्तावेजों को आधार बनाकर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

MPSC छात्रों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के कामकाज को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का भी सपकाल ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और अध्यक्ष के इस्तीफे की विद्यार्थियों की मांग पर सरकार को निर्णय लेना चाहिए।

हालांकि, 30 सितंबर की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और MPSC विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक के बाद सरकार ने आयोग के सचिव के तबादले तथा अध्यक्ष और सदस्यों की न्यायिक जांच सहित कई कदमों का आश्वासन दिया था। इसके बाद 2 अक्टूबर को प्रस्तावित बड़े आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किए जाने की भी खबर सामने आई थी।

महंगाई को लेकर केंद्र पर निशाना

महंगाई के मुद्दे पर सपकाल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई की मार झेल रही है और सरकार को इससे राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों का हवाला दिया तथा सवाल किया कि मौजूदा सरकार उसी तरह महंगाई पर नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रही है। सपकाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों का लाभ आम जनता की बजाय चुनिंदा उद्योगपतियों को मिल रहा है।

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