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चंडीगढ़, 4 नवम्बर 2025:
आज यू.टी. गेस्ट हाउस, सेक्टर-6, चंडीगढ़ में चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं 17वें जनजातीय युवा विनिमय कार्यक्रम के प्रतिभागियों के बीच एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता श्री एच. राजेश प्रसाद, आई.ए.एस., मुख्य सचिव, चंडीगढ़ ने की, जिन्होंने झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आए युवाओं के साथ हाई टी एवं मुक्त संवाद सत्र में भाग लिया।
संवाद के दौरान मुख्य सचिव एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें व्यक्तिगत विकास, शिक्षा, फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण एवं सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
मुख्य सचिव के साथ श्री दीप्रवा लकड़ा, आई.ए.एस., सचिव वित्त; सुश्री प्रेरणा पुरी, आई.ए.एस., सचिव शिक्षा; श्री अमित कुमार, आई.ए.एस., आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़; श्री स्वप्निल एम. नाइक, आई.ए.एस., सचिव आतिथ्य; श्री अभिजीत विजय चौधरी, आई.ए.एस., सचिव सतर्कता; श्री प्रदीप कुमार, आई.ए.एस., सचिव कृषि; तथा श्री हरी कल्लिकट, आई.ए.एस., सचिव सूचना प्रौद्योगिकी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर में मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद ने देश के विभिन्न क्षेत्रों के अपने अनुभव साझा किए तथा जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लक्ष्य एक सकारात्मक सोच से प्रारंभ होता है तथा अपने फिटनेस अनुशासन के लिए उन्होंने “21-दिवसीय नियम” अपनाने की बात कही। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने जिज्ञासा, धैर्य एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने की सलाह दी।
अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। श्री दीप्रवा लकड़ा, आई.ए.एस. ने विद्यार्थियों को अध्ययन पर केंद्रित रहने के साथ-साथ अपने आसपास के वातावरण और पर्यावरण के प्रति सजग रहने की सलाह दी। श्री प्रदीप कुमार, आई.ए.एस. ने चंडीगढ़ की सतत विकास पहलों जैसे इलेक्ट्रिक बसों एवं हरित अधोसंरचना का उल्लेख किया तथा स्वच्छ एवं हरित शहर बनाए रखने में जनसहयोग के महत्व पर बल दिया। सुश्री प्रेरणा पुरी, आई.ए.एस. ने कहा कि चंडीगढ़ में उत्कृष्ट शैक्षिक अवसर उपलब्ध हैं, परंतु सफलता का वास्तविक आधार संयम, अनुशासन और आत्मविश्वास है। श्री हरी कल्लिकट, आई.ए.एस. ने युवाओं को प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाने, इंटरनेट का रचनात्मक उपयोग करने तथा हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रभावी संप्रेषण कौशल विकसित करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 200 जनजातीय युवाओं ने सुखना झील, रॉक गार्डन और बर्ड पार्क का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने चंडीगढ़ की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण पहलों का अनुभव किया।
सत्र का समापन प्रतिभागियों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने इस प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक संवाद के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री सोरभ कुमार अरोड़ा, पी.सी.एस., निदेशक खेल; श्री राजीव तिवारी, निदेशक जनसंपर्क; श्री विनय कपूर, जिला युवा अधिकारी, माई भारत, चंडीगढ़ एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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