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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा गांवों को गुटबंदी से ऊपर उठकर भाईचारे की भावना बनाए रखने की अपील

20 दिसंबर को प्रदेश के 19,000 सरकारी स्कूलों में हो रही पी.टी.एम. में अभिभावकों से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान  

नरेगा योजना में नए बदलाव कर गरीबों और राज्यों को बर्बाद करना चाहती है केंद्र की भाजपा सरकार 

 

सतौज (संगरूर), 19 दिसंबर : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने पैतृक गांव सतौज पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और गांव से जुड़ी यादें साझा कीं। गांव के दौरे के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य ग्रामीणों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हमेशा अपने गांव पर गर्व रहा है। उन्होंने कहा कि वे आज कोई भाषण देने नहीं आए, बल्कि लोगों के सुख-दुख में शामिल होने के लिए आए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपने पैतृक गांव में बिताए पल उन्हें बहुत खुशी देते हैं और वे हमेशा इस बात के ऋणी रहेंगे कि गांव ने उन्हें भरपूर प्यार दिया है। 

सभी गांवों को गुटबंदी से ऊपर उठकर विकास करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एकता में ही बरकत होती है और गांवों को प्रगति व विकास के लिए हमेशा भाईचारे की भावना बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने निजी स्वार्थ के लिए गांवों में फूट डालते हैं और गुटबंदी होने से गांवों का विकास रुक जाता है। 

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इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने 20 दिसंबर को प्रदेश के सभी 19,000 स्कूलों में हो रही शिक्षक-अभिभावक बैठक (पी.टी.एम.) में अभिभावकों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने पहली बार सरकारी स्कूलों में पी.टी.एम. की शुरुआत की थी और अभिभावकों ने इसे बड़ा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य में प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने में सहायक होगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे अभिभावकों को शिक्षकों से अपने बच्चों की रुचि के बारे में भी काफी जानकारी मिलती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड से विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आई.आई.एम. अहमदाबाद में शिक्षकों को एडवांस्ड कोचिंग दी जा रही है।  

युवाओं को रोजगार देने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में हर योग्य और काबिल युवा को बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के सरकारी नौकरी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मार्च 2022 से अब तक 58,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और कई ऐसे परिवार भी हैं, जहां दो या तीन नौकरियां मिली हैं। 

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा नरेगा योजना में किए गए नए बदलाव को गरीबों और राज्यों को बर्बाद करने वाला कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत फंड देने का अनुपात 40 प्रतिशत राज्यों पर डाल दिया है, जबकि केंद्र पहले ही राज्यों को पूरा फंड नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि नए बदलावों के तहत नरेगा मजदूर स्कूल, मंडी, नाले आदि नहीं बना सकते, जो गांवों के साथ सीधा मजाक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे हथकंडे अपनाकर वास्तव में इस योजना को बंद करना चाहती है।

 

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