न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़। पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी पॉलिथीन की बढ़ती समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने शहर में पॉलिथीन पर तत्काल और पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप करते हुए चंडीगढ़ को “जीरो-पॉलिथीन सिटी” घोषित करने का आग्रह किया है।
इस संबंध में मेयर ने पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान प्रतिबंधों के बावजूद प्लास्टिक कैरी बैग का अनियंत्रित उपयोग और प्रसार शहर को पर्यावरणीय एवं नैतिक संकट की ओर धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के रूप में चंडीगढ़ की पहचान के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुका है।
मेयर ने विशेष रूप से आवारा पशुओं, खासकर गौ माता की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कूड़े के ढेरों में पड़ी पॉलिथीन खाने के कारण गायों के पेट में गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं, जिससे उन्हें असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ती है और कई बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ माता की रक्षा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रश्न है।
परिधीय गांवों में संचालित हो रही अव्यवस्थित कबाड़ इकाइयों का उल्लेख करते हुए मेयर ने कहा कि प्लास्टिक कचरे की खुले में छंटाई से कृषि भूमि प्रदूषित हो रही है, मिट्टी की उर्वरता घट रही है तथा भूजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं, जो ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
मेयर ने सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए पॉलिथीन बैग के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध; कबाड़ इकाइयों का अनिवार्य रूप से बंद परिसरों में संचालन; आवारा पशुओं की सुरक्षा हेतु प्लास्टिक-मुक्त कचरा संग्रहण केंद्रों की स्थापना; तथा उल्लंघनकर्ताओं पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई जैसे ठोस कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है।
स्वच्छ, हरित और संवेदनशील चंडीगढ़ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मेयर ने प्रशासन से बिना विलंब व्यापक प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान प्रारंभ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय रहते उठाया गया ठोस कदम पर्यावरण संरक्षण, निरपराध पशुओं की सुरक्षा और चंडीगढ़ की आदर्श शहर की छवि को सुदृढ़ बनाए रखने में निर्णायक सिद्ध होगा।