नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ पर डीपीआरसी हॉल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
चंडीगढ़, 18 नवंबर। नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय कार्यक्रम फतेहाबाद के स्थानीय डीपीआरसी हॉल में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम अमृतसर में आयोजित हुआ जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। डीपीआरसी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ हुई। इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचने पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी का उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि पांच वर्ष पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान के तहत हजारों लोगों का जीवन बचाया गया है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान पूरे देश में एक विशाल और प्रभावी आंदोलन बन चुका है। अब तक पूरे देश में विभिन्न स्तर पर आयोजित 7.39 लाख गतिविधियों के माध्यम से, यह अभियान 23.22 करोड़ से अधिक लोगों को संवेदनशील बनाने और शिक्षित करने में सफल रहा है। इनमें से 7.82 करोड़ से अधिक युवा और 5.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस अभियान के मुख्य भागीदार बने हैं। इसके साथ ही 17.11 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 20000 से अधिक मास्टर स्वयं सेवकों का सक्रिय सहयोग इस अभियान की सफलता की गारंटी है। इस अभियान के माध्यम से आने वाली पीढिय़ों को दलदल से निकालने की पहल की गई है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नशा स्वास्थ्य पर कूप्रभाव डालता है बल्कि नशा ताने-बाने को भी कमजोर करता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 109 नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत में राज्य के 10 प्रमुख जिले जिनमें रोहतक, सिरसा, सोनीपत, हिसार, अम्बाला, फतेहाबाद, करनाल, कुरूक्षेत्र, पानीपत तथा नूहं को शामिल किया गया था। इसके बाद अभियान का विस्तार करते हुए 4 और जिलों झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम एवं पंचकूला को जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने इस अभियान के साथ जोडऩे का काम किया है। इस अभियान को लेकर निबंध, रंगोली, राहगिरी, दौड़ इत्यादि की प्रतियोगिताएं करवाकर युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशा केवल आदत ना समझे बल्कि नशा एक बीमारी है। इसे छोड़ा भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा करने वालों से नफरत न करें उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में ले जाकर उनका ईलाज करवाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक दुड़ाराम ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व नशा मुक्त भारत अभियान चलाया गया था। इस अभियान को लेकर केंद्र व राज्य सरकार ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यमों से नशे के दुष्प्रभावों बारे लोगों को जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि नशे के खात्मे के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा। अगर कोई नशा करता है तो उसे नशे के दुष्प्रभावों बारे जानकारी दें। हम सबको मिलकर नशे को जड़ से खत्म करने के लिए लंबी लड़ाई लडऩी होगी। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने उपस्थितजन को नशीले पदार्थों के उपयोग के विरूद्ध शपथ भी दिलाई। उन्होंने शपथ दिलाते हुए सभी से कहा कि हम सब मिलकर अपने राज्य को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लें। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, रागनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से मुख्यातिथि कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पूर्व विधायक दुड़ाराम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा आदि को उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. विवेक भारती, एडीसी अनुराग ढालिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक अमित कुमार, डीएसडब्ल्यूओ सत्यवान, डीडब्ल्यूओ विनोद कुमार, डीडीपीओ अनूप सिंह, चेयरमैन जगदीश जाखड़, चंद्र प्रकाश बोस्ती, पंकज पसरीजा, कंवल चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे व युवा मौजूद रहे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।