हिमाचल प्रदेश में Cabinet Expansion को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सवाल उठाए
ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विधायकों को मंत्री बनाने की घोषणाएं करते रहे हैं
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला, 27 सितंबर | हिमाचल में Cabinet Expansion को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को पार्टी आलाकमान के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
रजनी पाटिल के मुताबिक कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव मिलने पर उसे हाईकमान के सामने रखा जाएगा।
सुक्खू ने हालिया बयान में कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल की संभावना जताई थी।
Cabinet Expansion को लेकर हिमाचल में सियासत तेज
हिमाचल प्रदेश में Cabinet Expansion को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर विधायकों को मंत्री बनाने की बात करते हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व के स्तर पर स्थिति अलग दिखाई देती है।
जयराम ठाकुर का बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से कैबिनेट विस्तार का कोई औपचारिक प्रस्ताव अभी पार्टी को नहीं मिला है।
Ministerial Berth को लेकर जयराम ठाकुर का सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने करीब एक साल पहले विधानसभा में एक विधायक को मंत्री बनाने की घोषणा की थी। उनके मुताबिक बाद में जनसभा में भी ऐसी बात दोहराई गई।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि मंत्री पद को लेकर किए गए वादों के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने सवाल किया कि अगर मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी, तो प्रस्ताव कांग्रेस नेतृत्व के पास कब भेजा जाएगा। यह आरोप जयराम ठाकुर के बयान पर आधारित हैं।
Congress High Command के सामने प्रस्ताव का मुद्दा
कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल ने 26 सितंबर को कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने अभी तक कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव नहीं भेजा है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव मिलने के बाद उसे पार्टी हाईकमान के सामने रखा जाएगा।
रजनी पाटिल की यह टिप्पणी मौजूदा Cabinet Expansion चर्चा के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने पार्टी में अनुशासन और गुटबाजी को लेकर भी नेताओं को चेतावनी दी।
CM Sukhu पहले जता चुके हैं विस्तार की संभावना
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 25 सितंबर को कहा था कि कैबिनेट विस्तार चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले किया जा सकता है। उन्होंने दिसंबर 2026 से पहले मंत्रिमंडल की एक खाली सीट भरने की संभावना जताई थी।
सुक्खू ने यह भी कहा था कि कैबिनेट विस्तार के साथ विभागों में फेरबदल भी संभव है। यह बयान मौजूदा अटकलों के बीच आया था।
इससे स्पष्ट है कि विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से संभावना जताई गई है। लेकिन कांग्रेस प्रभारी के अनुसार अभी औपचारिक प्रस्ताव पार्टी के पास नहीं पहुंचा है।
MLA को मंत्री बनाने की घोषणा पर उठी बहस
जयराम ठाकुर ने अपने बयान में एक ऐसे विधायक का उल्लेख किया, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा मंत्री बनाने की बात कही गई थी। उन्होंने दावा किया कि संबंधित विधायक मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रमों में उनके साथ नजर आते हैं।
ठाकुर ने इसे मुख्यमंत्री की राजनीतिक कार्यशैली से जोड़ते हुए अपनी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ अलग-अलग राजनीतिक समीकरण बनाए जा रहे हैं। ये दावे विपक्षी नेता के राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
Cabinet Vacant Seat को लेकर स्थिति
हिमाचल मंत्रिमंडल में फिलहाल एक पद खाली होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे भरने की संभावना जताई है। वहीं पार्टी प्रभारी ने प्रस्ताव आने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही।
सितंबर की शुरुआत में भी कैबिनेट विस्तार और विभागों में संभावित बदलाव को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चाएं चलने की रिपोर्टें सामने आई थीं। कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का नाम संभावित विस्तार को लेकर चर्चा में रहा है।
Himachal Politics में गुटबाजी का मुद्दा
Himachal Politics में कैबिनेट विस्तार केवल मंत्री पद तक सीमित नहीं है। इसके साथ पार्टी के अंदरूनी समीकरण और आगामी विधानसभा चुनाव भी चर्चा का हिस्सा हैं।
रजनी पाटिल ने हालिया बैठक के दौरान गुटबाजी और अनुशासन को लेकर नेताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संगठन और सरकार के बीच टकराव नहीं होना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने दूसरी ओर सरकार की कार्यशैली और विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री की रणनीति पर सवाल उठाए हैं।
अब प्रस्ताव और हाईकमान के फैसले पर नजर
मौजूदा स्थिति में Cabinet Expansion पर अगला महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री की ओर से औपचारिक प्रस्ताव भेजे जाने से जुड़ा है। प्रस्ताव मिलने के बाद कांग्रेस हाईकमान इस पर विचार करेगा। मुख्यमंत्री पहले ही दिसंबर 2026 से पहले एक खाली पद भरने की संभावना जता चुके हैं।
ऐसे में अब राजनीतिक चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि प्रस्ताव कब भेजा जाता है और पार्टी नेतृत्व किसे मंत्रिमंडल में शामिल करने पर निर्णय लेता है। फिलहाल विस्तार को लेकर अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
