युवाओं को नालायक, नाकाबिल व अयोग्य बताना नायब सरकार की शर्मनाक सोच!
‘‘बाहरी’’ को नौकरी का मेवा, व हरियाणा के युवाओं को नालायक बता नकारना भाजपाई तरीका!
चंडीगढ़, 6 जनवरी। सांसद व कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार व HPSC पर हरियाणा के युवाओं को अपमानित व तिरस्कृत किए जाने को लेकर बड़ा हमला बोला है। सुरजेवाला ने कहा कि बिहार से ‘‘आयात’’ किए गए HPSC (हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन) के चेयरमैन आलोक वर्मा के हरियाणा की पढ़ाई-लिखाई, हरियाणा की यूनिवर्सिटियों व हरियाणा के युवाओं के बारे में विचार देखें, जो उन्होंने HPSC में आंदोलन कर रहे युवाओं को चिढ़ाते हुए कहा, ‘हरियाणा के युवा ‘फेलियर’ हैं क्योंकि उन्हें ठीक से पढ़ाया नहीं गया है।’’ ‘‘हरियाणा के युवाओं को लिखना तक नहीं सिखाया गया है।’’ ‘‘हरियाणा की यूनिवर्सिटियों का लेवल ही तैयार नहीं।’’
आरोप लगाते हुए रणदीप ने कहा कि हरियाणा प्रदेश, हमारी शिक्षा प्रणाली, हमारे युवाओं की काबिलियत, हमारी पूरी संस्कृति को सरेआम भाजपा के द्वारा बिहार से लाकर लगाए गए HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा द्वारा अपमानित किया जा रहा है। हरियाणा के बच्चों को बेइज्जत किया जा रहा है। हरियाणा की यूनिवर्सिटियों के लेवल को सरेआम नकारा जा रहा है। हमारे बच्चों को हतोत्साहित किया जा रहा है कि वो पढ़ने लिखने के योग्य ही नहीं हैं। सुरजेवाला ने कहा कि यह सब नायब सैनी की भाजपा सरकार और उनके द्वारा नियुक्त किए गए HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा खुलेआम कर रहे हैं।
तीखे आरोपों की झड़ी लगाते हुए रणदीप ने कहा कि पहले तो हरियाणा के 2.5 करोड़ लोगों में BJP और मनोहर लाल खट्टर – नायब सैनी की जोड़ी को हरियाणा का एक आदमी भी इस काबिल नहीं मिला, जो HPSC का चेयरमैन लगाया जा सके और बिहार से आलोक वर्मा को लाकर चेयरमैन लगाया। HPSC आए-दिन विवादों के घेरे में है।
सुरजेवाला ने याद दिलाया कि देश के इतिहास में पहली बार HPSC में ‘‘अटैची कांड’’ हुआ, जब करोड़ों रुपये की अटैचियाँ HPSC के दफ्तर से पकड़ी गईं। उन्होंने कहा कि असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती में हद ही हो गई, जब असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती का पेपर बिहार के पेपर ही हूबहू नकल मारकर पेश कर दिया गया और खुलेआम हेराफेरी का खेल चला। रणदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि यही नहीं, हाल में ही हरियाण पॉवर यूटिलिटीज़ में 214 पदों में से 185 पदों पर ‘‘बाहरी’’ व्यक्तियों की नियुक्ति हुई।
हद तो तब हो गई, जब HPSC द्वारा असिस्टैंट प्रोफेसर इंग्लिश के 613 पदों के लिए पेश हुए हजारों बच्चों में से केवल 151 युवाओं को ही पास किया, यानी हरियाणा के बच्चे BJP सरकार व HPSC के मुताबिक नालायक हैं और पढ़ाने योग्य ही नहीं। इसी भर्ती में SC कैटेगरी के 60 पद थे, पर केवल 2 बच्चों को ही पास किया गया। BC-A कैटेगरी के 85 पद थे, पर केवल 5 बच्चों को ही पास किया गया। BC-B कैटेगरी के 36 पद थे, पर केवल 3 बच्चों को ही पास किया गया। Economically Weaker सेक्शन के 60 पद थे, पर केवल 6 ही बच्चों को पास किया गया। यह नायब सैनी सरकार व HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा की इस सोच का हिस्सा है कि हरियाणा के नौजवान न पढ़े-लिखे हैं, न काबिल हैं और न नौकरी के लायक हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी बगैर देरी HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा का इस्तीफा लें। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो यह साबित हो जाएगा कि हरियाणा के युवाओं को नालायक, नाकाबिल व फेलियर डिक्लेयर करने वाले असल में नायब सैनी और उनकी भाजपा सरकार है।