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MSME क्षेत्र को बड़ी सौगात : CM मोहन यादव ने 900 इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक प्रोत्साहन राशि बांटी

तृप्ति भटनागर

भोपाल। मध्य प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजधानी भोपाल में आयोजित “समृद्ध MSME–विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने लगभग 900 औद्योगिक इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों से सीधा संवाद किया, भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र सौंपे और विभिन्न हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किए।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संचालकों और युवा व्यवसायियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार केवल उद्योग लगाने की बात नहीं करती, बल्कि उद्यमियों के साथ हर कदम पर खड़ी रहकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम करती है।

“उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा तो प्रदेश समृद्ध होगा”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Mohan Yadav ने कहा कि MSME क्षेत्र किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। छोटे और मध्यम उद्योग न केवल स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ाते हैं, बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा करते हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है जहां युवा नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और गांवों से लेकर शहरों तक विकास की नई संभावनाएं पैदा होती हैं।

 

मध्य प्रदेश में MSME क्षेत्र का तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की औद्योगिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में 5.26 लाख से अधिक मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयाँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

इन इकाइयों में अब तक करीब ₹42,700 करोड़ का निवेश हुआ है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिली है। इन उद्योगों के माध्यम से लगभग 44 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मध्य प्रदेश निवेशकों और उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।

 

युवा उद्यमियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार की तलाश नहीं कर रहा, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसर भी पैदा कर रहा है। सरकार ऐसे युवाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, भूमि आवंटन और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार क्षमता है और सरकार उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

भूमि आवंटन और हितलाभ वितरण से मिली नई उम्मीद

कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) प्रदान किए गए। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किए गए।

उद्यमियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रोत्साहन राशि और प्रशासनिक सहयोग से उद्योगों के विस्तार में मदद मिलेगी। कई उद्यमियों ने इसे निवेश और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश ने भी अपने लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2047 तक प्रदेश में 1 करोड़ पंजीकृत MSME इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य केवल उद्योगों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उद्योग, निवेश और कौशल विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जाए तो मध्य प्रदेश देश के सबसे अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है।

 

निवेशकों के लिए बन रहा पसंदीदा गंतव्य

हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। सरकार द्वारा उद्योग-अनुकूल नीतियां, बेहतर बुनियादी ढांचा, तेज प्रशासनिक प्रक्रियाएं और निवेशकों को दी जा रही सुविधाएं प्रदेश को नए निवेश का प्रमुख केंद्र बना रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि MSME क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहन मिलने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन की गति भी बढ़ेगी।

 

आत्मनिर्भर और औद्योगिक मध्य प्रदेश की दिशा में एक और कदम

“समृद्ध MSME–विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम को राज्य के औद्योगिक विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि मजबूत MSME क्षेत्र ही आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उद्योगों को प्रोत्साहन, निवेश को बढ़ावा और युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह कार्यक्रम प्रदेश के विकास अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।

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