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भगवंत मान मुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों के रूप में नाकाम रहे हैं : बीबा हरसिमरत कौर बादल

बठिंडा : शिरोमणी अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा सांसद बीबा हरसिमरत कौर बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों के रूप में विफल रहे हैं, इसीलिए उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नही है। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए बठिंडा सांसद ने कहा कि भगवंत मान के कार्यकाल में राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होने कहा,‘‘ गैंगस्टर बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं और मनमाने ढ़ंग से जबरन वसूली और हत्याएं कर रहे हैं। हाल ही में अमृतसर में एक शादी समारोह के दौरान गावं के सरपंच की दिनदिहाड़े हत्या, कपूरथला में एक प्रवासी महिला का कत्ल और मोगा में एक पंचायत मैंबर की हत्या जैसी हर दिन सनसनीखेज घटनाएं हो रही हैं।’’

 

 

यह कहते हुए कि सिर्फ इतना ही नही मुख्यमंत्री ने राज्य को अरविंद केजरीवाल को सौंप दिया है, जो अपने गिरोह के साथ मिलकर राज्य और इसके संसाधनों को लूट रहे हैं। बीबा बादल ने कहा,‘‘राज्य भर में आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए फंड जुटाने के लिए संपत्तियों को बेचा जा रहा है। यहां तक कि लुधियाना की नगरपालिका का विस्तार करके उसमें 30 अन्य गांवों को इसकी सीमा में शामिल करने का फैसला भी गांवों की आम जमीन को हड़पकर उन्हें आम आदमी पार्टी के चहेतों और व्यापारियों को सौंपने के लिए किया जा रहा है।’’

 

 

बठिंडा सांसद ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि बठिंडा में पहले भी एक कारोबारी मेला राम की दिन दिहाड़े हत्या देखी गई है। उन्होने कहा,‘‘ आम आदमी पार्टी सरकार ने सरकार में जनता का भरोसा पैदा करने के लिए कोई भी ठोस प्रयास नही किया है। हर दिन लोगों की हत्याएं हो रही हैं, लेकिन जबरन वसूली और हत्याएं करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जा रही है।’’ उन्होने यह भी बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के गठन के तत्काल बाद ही इस तरह की घटनाएं शुरू हो गई, जिनमें मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला और कबडडी खिलाड़ियों की हत्या, पंजाब खुफिया विभाग के कार्यालय पर राॅकेट लाॅंन्चर हमला और पुलिस थानों पर हमले शामिल हैं।

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एक आजाद पत्रकार और एक आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ हाल ही में दर्ज झूठे मामले के बारे में पूछ जाने पर बीबा बादल ने कहा,‘‘ पंजाब के इतिहास में पत्रकारों को इस तरह से कभी भी निशाना नही बनाया गया है।’’ उन्होने कहा कि जिस तरह से सरकार प्रेस की आजादी को दबाने की कोशिश कर रही, उससे साबित होता है कि वह समझ चुकी है कि उसके पैरों से जमीन खिसक रही है और 2027 में उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा।’’

 

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