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Anti-Drug Helpline : चंडीगढ़ में 3 हेल्पलाइन शुरू, नशे की सूचना पर गोपनीय कार्रवाई का भरोसा

Anti-Drug Helpline: Administrator Gulab Chand Kataria launches new helpline numbers in Chandigarh Anti-Drug Helpline: Administrator Gulab Chand Kataria launches new helpline numbers in Chandigarh
Anti-Drug Helpline: Administrator Gulab Chand Kataria launches new helpline numbers in Chandigarh

Anti-Drug Helpline के जरिए चंडीगढ़ में नशे की बिक्री और सेवन से जुड़ी जानकारी दी जा सकेगी
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 3 हेल्पलाइन नंबर औपचारिक रूप से जारी किए

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 23 सितंबर | Drug-Free Chandigarh अभियान के तहत प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष शिकायत व्यवस्था शुरू की है।

पुलिस के अनुसार शिकायतों को 4 श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई की जाएगी।
तत्काल और विश्वसनीय सूचनाओं पर एसएसपी की निगरानी वाली टीम कार्रवाई करेगी।
वहीं सामान्य मामलों को Anti-Narcotics Task Force को आगे की जांच के लिए भेजा जाएगा।

चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ कार्रवाई और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए। इस मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

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प्रशासक ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में जनता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से नशे की बिक्री और सेवन से जुड़ी जानकारी साझा करने की अपील की। प्रशासन के अनुसार, शिकायतकर्ता की पहचान और संपर्क विवरण गोपनीय रखा जाएगा।

Anti-Drug Helpline Numbers
Anti-Drug Helpline Numbers

Anti-Drug Helpline  : 3 नंबरों पर दे सकेंगे जानकारी

Anti-Drug Helpline के तहत नागरिकों के लिए तीन नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। मोबाइल हेल्पलाइन 8283040100 है, जबकि लैंडलाइन नंबर 0172-2677037 है। इसके साथ 1933 MANAS Helpline पर भी नशे से संबंधित जानकारी और मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।

इन नंबरों का इस्तेमाल नशा तस्करी, नशीले पदार्थों की बिक्री या नशे से जुड़ी गतिविधियों के बारे में सूचना देने के लिए किया जा सकता है। प्रशासन ने कहा है कि शिकायतों पर वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे। इसका उद्देश्य शिकायत मिलने के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई को आगे बढ़ाना है।

Drug-Free Chandigarh  : घर-घर सर्वे की तैयारी

Drug-Free Chandigarh अभियान का अगला चरण घर-घर जाकर सर्वे करने से जुड़ा होगा। प्रशासक के अनुसार, इस सर्वे के जरिए ऐसे लोगों और परिवारों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा, जिन्हें नशे से जुड़ी समस्या में सहायता की जरूरत हो सकती है।

ऐसे लोगों को उचित काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं तक पहुंचाने की योजना बताई गई है। इस प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग की भूमिका रहेगी।

प्रशासक ने स्वास्थ्य विभाग को ऐसी दवाओं की बिक्री पर नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं, जिनका दुरुपयोग हो सकता है। बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के ऐसी दवाएं बेचने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने की भी बात कही गई।

MANAS Helpline  : नागरिकों के लिए अतिरिक्त माध्यम

MANAS Helpline
MANAS Helpline

MANAS Helpline यानी 1933 भी नई व्यवस्था में शामिल है। इसके जरिए लोग नशे से संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल और लैंडलाइन नंबरों के साथ इसे उपलब्ध कराने का उद्देश्य शिकायत के लिए अलग-अलग संपर्क माध्यम देना है।

प्रशासन ने नागरिकों से सही और विश्वसनीय सूचना साझा करने की अपील की है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने की बात भी दोहराई गई है। इसके जरिए लोग बिना अपनी जानकारी सार्वजनिक किए संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचा सकेंगे।

Anti-Narcotics Task Force : शिकायतों को 4 श्रेणियों में बांटने की व्यवस्था

चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने अभियान के तहत अब तक 130 FIR दर्ज होने और 133 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। इसके अलावा करीब 359 लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी कही गई। संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां घेराबंदी और जांच की कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी गई।

डीजीपी के अनुसार, हेल्पलाइन से मिलने वाली सूचनाओं को 4 श्रेणियों में बांटा जाएगा। तत्काल और विश्वसनीय सूचना मिलने पर एसएसपी की निगरानी वाली विशेष टीम कार्रवाई करेगी। सामान्य शिकायतों और अन्य जानकारियों को आगे की जांच के लिए Anti-Narcotics Task Force को भेजा जाएगा।

नागरिकों की भागीदारी पर प्रशासन का जोर

Administration Emphasizes Public Involvement
Administration Emphasizes Public Involvement

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है। इसे पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग बढ़ाने वाले मंच के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे नशे की तस्करी या उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी समय पर साझा करें।

प्रशासन के अनुसार, शिकायतों पर तेज कार्रवाई के लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे। इससे सूचना मिलने के बाद उसे संबंधित टीम तक पहुंचाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस पहल के साथ चंडीगढ़ प्रशासन ने नशे की रोकथाम, प्रभावित लोगों को सहायता और तस्करी से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए एक नई शिकायत व्यवस्था शुरू की है। अब हेल्पलाइन के जरिए मिलने वाली सूचनाओं और उन पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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