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अकाली दल को 2019 तक “बाल दिवस” नाम बिल्कुल सही लगता था, लेकिन गठबंधन टूटने के बाद वही नाम गलत लगने लगा : बलियावाल

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चंडीगढ़, 25 दिसंबर : पिछले कुछ दिनों से “वीर बाल दिवस” के नाम को लेकर चल रहे विवाद पर भाजपा पंजाब के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने शिरोमणि अकाली दल और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल को जवाब दिया है। बलियावाल ने हरसिमरत कौर बादल के एक पुराने ट्वीट को सबूत के तौर पर पेश करते हुए कहा कि साहिबजादों की शहादत को समर्पित “बाल दिवस” मनाने की वकालत स्वयं हरसिमरत कौर बादल ने वर्ष 2019 में अपने ट्वीट के माध्यम से की थी, लेकिन भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद अकाली दल के सुर बदल गए। 
बलियावाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि अकाली दल को 2019 तक केवल “बाल दिवस” नाम ही सही लगता था, लेकिन अब उसमें “वीर” शब्द जुड़ने से वह नाम गलत कैसे हो गया? उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली के विज्ञान भवन में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुखबीर सिंह बादल ने अकाली दल की नेतृत्व की ओर से “बाल दिवस” नाम रखने पर सहमति दी थी, लेकिन अब वे अपने ही रुख से मुकर गए हैं।
 
बलियावाल ने कहा कि जब अकाली दल और भाजपा का गठबंधन था, तब धार्मिक, किसान और पंजाब से जुड़े हर मुद्दे पर अकाली दल से सलाह ली जाती थी और उनकी सहमति के बाद ही फैसले लागू किए जाते थे। इसके बावजूद अकाली दल की नेतृत्व ने हमेशा हमारी नेतृत्व के साथ विश्वासघात किया और अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाजपा को पंजाब विरोधी दिखाने की कोशिश की, ताकि उनकी राजनीतिक जमीन बनी रहे और भाजपा पंजाब में पैर न पसार सके। 
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमेशा सिख इतिहास, सिख परंपराओं और साहिबजादों की महान शहादत को सर्वोच्च सम्मान दिया है। “वीर बाल दिवस” की घोषणा पूरी दुनिया के सामने इस महान बलिदान की मान्यता का प्रतीक है। अंत में बलियावाल ने शिरोमणि अकाली दल और उसकी पूरी नेतृत्व से अपील की कि वे धार्मिक मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश न करें और अपनी ही पहले की गई मांग की सच्चाई को स्वीकार करें। साहिबजादों के शहीदी दिवसों पर नाम को लेकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
 
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