न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 2 अप्रैल। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सुविधाओं और सेवाओं की समीक्षा के लिए चंडीगढ़ की तीन संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। ये दौरे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, संवेदनशील व्यक्तियों की समावेशी देखभाल और चंडीगढ़ में पशु कल्याण को सुदृढ़ करने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।


उन्होंने सबसे पहले गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सेक्टर-32 (GMCH-32) का दौरा किया और इमरजेंसी एवं ट्रॉमा ब्लॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रायेज, सर्जिकल, मेडिसिन और बाल रोग आपातकालीन वार्डों का दौरा किया तथा मरीजों से बातचीत की, जिनमें से अधिकांश ने उपचार से संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ब्लड कलेक्शन सेंटर, अल्ट्रासाउंड कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा आपातकालीन ऑपरेशन थिएटरों के बारे में जानकारी ली।

इसके बाद प्रशासक ने ग्रुप होम, सेक्टर-31 का दौरा कर वहां की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। ग्रुप होम मानसिक बीमारी, बौद्धिक दिव्यांगता और ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्तियों को देखभाल और पुनर्वास सहायता प्रदान करता है। उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया, निवासियों एवं स्टाफ से बातचीत की और एडमिशन्स प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षित एवं सहयोगी वातावरण बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की तथा निर्देश दिए कि अधिक पात्र लाभार्थियों तक सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए जागरूकता और आउटरीच बढ़ाई जाए।



इसके बाद उन्होंने सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स, सेक्टर-38 (एसपीसीए-38) का दौरा किया। उन्होंने स्वच्छता एवं रख-रखाव की समीक्षा की, कुत्तों, बिल्लियों और पक्षियों के लिए बनाए गए क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा घायल एवं बीमार पशुओं के उपचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आक्रामक कुत्तों के प्रबंधन के संबंधित विवरण भी मांगा और उचित मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs) की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नियमित निरीक्षण और सुदृढ़ निगरानी के निर्देश दिए ताकि पशु देखभाल में सुधार हो सके।

इन दौरों के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों में श्री वी. पी. सिंह, पंजाब के राज्यपाल के प्रधान सचिव; GMCH-32 में श्री मंदीप सिंह बराड़, सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान; SPCA-38 में अमित कुमार, आयुक्त, नगर निगम; सुश्री अनुराधा चगती, सचिव, सामाजिक कल्याण; तथा ग्रुप होम, सेक्टर-31 में सुश्री पालीका अरोड़ा, निदेशक, सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रशासक के साथ उपस्थित रहे।