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प्रशासक कटारिया ने नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान

न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 1 अक्टूबर। पंजाब के राज्यपाल और यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज नागरिकों से नियमित रूप से स्वेच्छा से रक्तदान करने और इसे एक निरंतर सामाजिक अभियान बनाने की अपील की। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर GMCH-32 द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने में स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में बताया।
प्रशासक कटारिया ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों और अन्य प्रतिभागियों के साथ स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ भी दिलाई। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की विभिन्न NGOs के साथ-साथ थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रूप से रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, जिन परिवारों ने मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए अपने दिवंगत परिजनों का पार्थिव शरीर GMCH, चंडीगढ़ को दान किया, उन्हें भी सम्मानित किया गया।
युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कटारिया ने नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता और स्वैच्छिक रक्तदाता ही इसका एकमात्र मानवीय स्रोत हैं। उन्होंने सभी से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि रक्त की उपलब्धता न होने के कारण किसी भी मरीज का उपचार प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान केवल एक आधुनिक, स्वच्छ और सुंदर शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान, निःस्वार्थ सेवा और मानवीय जिम्मेदारी की मजबूत संस्कृति वाले शहर के रूप में भी होनी चाहिए।
स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सर्जरी और चिकित्सा आपात स्थितियों के अलावा प्रसव के दौरान जटिलताओं के कारण अधिक रक्त की आवश्यकता वाली महिलाओं, गंभीर एनीमिया से पीड़ित बच्चों तथा थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और अन्य रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के उपचार में भी रक्त की नियमित आवश्यकता होती है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़; निदेशक-प्राचार्य प्रो. रवनीत कौर; संयुक्त निदेशक डॉ. अतुल धकने तथा चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विशाल गुलानी भी उपस्थित थे। प्रशासक ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं, जी.एम.सी.एच.-32 के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों, तकनीकी एवं नर्सिंग स्टाफ तथा पूरे वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले संगठनों के योगदान की सराहना की।

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