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जनगणना कार्य हेतु चंडीगढ़ में की जाएगी लगभग 2,800 कार्मिकों की तैनाती : एच. राजेश प्रसाद

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न्यूज़म ब्यूरो
 
चंडीगढ़, 19 फरवरी, 2026 : भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों तथा विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा हेतु आज मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में यूटी-स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बरार, वित्त सचिव दीपर्वा लखरा, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, आयुक्त नगर निगम अमित कुमार, निदेशक-सह-मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी यूटी चंडीगढ़ डॉ. नवजोत खोसा, उपायुक्त-सह-जिला जनगणना अधिकारी निशांत कुमार यादव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
 
सम्मेलन की शुरुआत जनगणना प्रक्रिया पर आधारित एक लघु फिल्म के प्रदर्शन से हुई, जिसके पश्चात निदेशक, जनगणना संचालन द्वारा विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्य सचिव ने कहा कि इस बैठक से जनगणना 2027 के संचालन को लेकर पूर्ण स्पष्टता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि विलंब के बावजूद जनगणना एक व्यापक एवं जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि प्रत्येक नागरिक को इसमें सम्मिलित करना अनिवार्य है और प्रत्येक कार्मिक की भूमिका इसकी सटीकता एवं दक्षता सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण एवं संचालन संबंधी दिशानिर्देशों को भली-भांति समझें ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। प्रशिक्षण के उपरांत हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएशन (HLBC) को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक ब्लॉक और प्रत्येक परिवार का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके।

 

गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी 2026 में जारी अधिसूचना के अनुसार जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी, जिसका प्रथम चरण हाउस-लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना (HLO) होगा। विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण अवधि फरवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक निर्धारित की गई है, जिसमें 19 फरवरी 2026 से 29 अप्रैल 2026 के बीच संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हाउस-लिस्टिंग कार्य मई 2026 में तथा जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में की जाएगी।
 
बताया गया कि चंडीगढ़ को 10 जनगणना चार्ज में बांटा गया है, हर चार्ज SDM और सीनियर डिपार्टमेंट हेड समेत तय अधिकारियों को दिया गया है, और जवाबदेही और असरदार सुपरविज़न पक्का करने के लिए वार्ड के हिसाब से अधिकार क्षेत्र साफ़ तौर पर तय किया गया है।
 
जनगणना कार्य हेतु चंडीगढ़ में लगभग 2,800 कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिसके लिए सेंसेस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) तथा एचएलबी क्रिएटर ऐप का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक स्तर पर मानकीकृत क्षमता निर्माण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पांच-स्तरीय कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल अपनाया गया है।
 
सम्मेलन के उपरांत चार्ज अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें संचालन प्रक्रियाओं, डिजिटल उपकरणों, पर्यवेक्षण संबंधी दायित्वों तथा प्रथम चरण (HLO) की निगरानी व्यवस्था से अवगत कराया गया। इस सत्र में डेटा की शुद्धता, गुणवत्ता जांच एवं क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
 
बैठक का समापन नियमित समीक्षा एवं विभागों के बीच सुदृढ़ समन्वय के निर्देशों के साथ हुआ।
 
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