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एक ही दिन में 768 ठिकानों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', 17 कुख्यात समेत 137 गिरफ्तार, 26 इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा

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चंडीगढ़/पंचकूला, 8 दिसंबर। हरियाणा पुलिस ने रविवार को राज्य भर में अपराध और नशा तस्करों के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक अभियान छेड़ते हुए 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 7 दिसंबर 2025 को चलाए गए इस विशेष अभियान ने एक ही दिन में अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने राज्य भर में चिन्हित किए गए 768 ऐसे ठिकानों (हॉटस्पॉट्स) को खंगाला, जो आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात थे । सुबह से शाम तक चली इस कार्रवाई में पुलिस ने न केवल अपराधियों की धरपकड़ की, बल्कि भारी मात्रा में नशा और अवैध हथियार भी बरामद किए। इस अभियान में कॉम्बिंग के दौरान एक ही दिन में 112 अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाख़ों के पीछे भेज दिया गया। पुलिस ने जुआ, सट्टा और नशा तस्करी जैसे अवैध धंधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 81 नए मुकदमे दर्ज किए जिसमें 7 मुकदमें आर्म्स एक्ट के भी शामिल रहे।

इसके अलावा, प्रदेश भर में गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले 17 खूंखार (हिंसक) अपराधी भी गिरफ्तार किए गए, जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे । अतिरिक्त जानकारी देते हुए बताया कि आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 मामले दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे संभावित हिंसक घटनाओं को टालने में बड़ी सफलता मिली है। इस तरह प्रदेश भर में पुलिस ने एक दिन में ही कुल 137 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाख़ों के पीछे भेजा है।  

पुलिस ने की आर्थिक चोट : 1,53,510 रुपये की नकदी, 5 दोपहिया वहां और 3 मोबाइल भी ज़ब्त

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इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी पूरा जोर दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 4 देसी कट्टे, 4 देसी पिस्टल और कारतूस बरामद कर किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया । नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए। बरामदगी के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस ने 65 बियर बोतल, 350 से अधिक बोतल अवैध शराब, 126 लीटर अवैध शराब, 96 लीटर लाहन, 1.44 किलो गांजा,  29.88 ग्राम हेरोइन, 7380 किलो चूरा पोस्त बरामद किया । इसके अलावा सट्टेबाजी और जुए के अड्डों से 1,53,510 रुपये की नकदी भी बरामद की गई, जो यह साबित करता है कि पुलिस ने अपराध के फंडिंग नेटवर्क पर भी करारी चोट की है । इसके अलावा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 दोपहिया वाहन और 3 मोबाइल फ़ोन भी ज़ब्त किये।

खाकी का मानवीय चेहरा और खुफिया तंत्र की मजबूती

एक तरफ जहां पुलिस अपराधियों के लिए काल बनी, वहीं दूसरी तरफ 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' ने खाकी के मानवीय पहलू को भी उजागर किया। गश्त और चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मियों ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर मिले 709 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त लोगों की सहायता की, जिससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है । इस अभियान की सफलता के पीछे पुलिस का मजबूत खुफिया तंत्र भी रहा। हरियाणा पुलिस ने अपराध नियंत्रण में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अन्य राज्यों के साथ 26 महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस इनपुट साझा किए, ताकि सीमा पार छिपे अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा सके।

जिलावार कार्रवाई की बात करें तो सोनीपत पुलिस ने सबसे अधिक तत्परता दिखाते हुए 65 हॉटस्पॉट्स पर दबिश दी।  वहीं सहायता पहुंचाने के मामले में गुरुग्राम पुलिस आगे रही जिसने 377 जरूरतमंदों की सहायता की । वहीं, रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने स्टेशनों और ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए 68 स्थानों को खंगाला और यात्रियों व जरूरतमंदों की मदद कर सुरक्षा का अहसास कराया । कुरुक्षेत्र में पुलिस ने 15 हॉटस्पॉट्स चेक किए और 10 मुकदमे दर्ज कर 11 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की । सिरसा में भी पुलिस ने 47 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर नशा तस्करों में खौफ पैदा कर दिया ।

पंचकूला पुलिस की ईआरवी का 'रैपिड रिस्पॉन्स': एक कॉल पर टला बड़ा हादसा, तो दूसरी तरफ पेश की सुरक्षा की मिसाल

पंचकूला पुलिस की 'डायल 112' इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) सेवा शहरवासियों के लिए सच्चा साथी और रक्षक साबित हो रही है। पुलिस की मुस्तैदी और मानवीय संवेदना का एक ताजा उदाहरण रविवार को देखने को मिला, जब ईआरवी टीमों ने दो अलग-अलग घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल 6 लोगों की जान बचाई, बल्कि देर रात सड़क पर फंसी दो युवतियों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाकर सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। रविवार को एक अफरा-तफरी वाले माहौल में ईआरवी 708 टीम को सूचना मिली कि पंचकूला के सेक्टर-17 स्थित एक रिहायशी इमारत की लिफ्ट अचानक खराब हो गई है, जिसमें छह लोग फंस गए हैं। लिफ्ट बंद होने से अंदर मौजूद लोगों की सांसें अटक गई थीं और घबराहट का माहौल था। सूचना मिलते ही ईआरवी 708 की टीम, जिसमें इंचार्ज शक्ति सिंह, होमगार्ड हरि सिंह और एसपीओ रामसिंह शामिल थे, बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची।

पुलिस टीम ने सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए स्थानीय लोगों की सहायता से ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट को खोलकर सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम की इस तत्परता से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की इस त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उनका आभार व्यक्त किया। वहीं एक अन्य मामले में सुनसान बस स्टैंड पर फंसी बेटियां को पुलिस ने सुरक्षित अपने घर पहुँचाया। यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है। देर रात करीब 1 बजे, जब पूरा शहर सो रहा था, ईआरवी 709 की टीम शहर में गश्त (पेट्रोलिंग) कर रही थी। ओल्ड पंचकूला बस स्टैंड के पास टीम की नजर दो युवतियों पर पड़ी जो वहां अकेली खड़ी थीं। रात का वक्त और सुनसान इलाका देख पुलिस टीम उनके पास पहुंची।
पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वे ओल्ड पंचकूला से शिमला घूमने के लिए निकली थीं, लेकिन उनका वाहन निकल गया और अब देर रात उन्हें कोई अन्य साधन नहीं मिल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईआरवी टीम ने खुद संज्ञान लिया। टीम इंचार्ज सुरिन्द्र पाल, एसपीओ रणजीत और होमगार्ड जगपाल ने सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए दोनों लड़कियों को अपनी गाड़ी में बैठाया और उन्हें चूना भट्टी स्थित उनके घर तक सुरक्षित छोड़ा। पुलिस का यह रूप देख बढ़ा विश्वास बेटियों को सुरक्षित घर लौटता देख उनके परिजनों की जान में जान आई। लड़कियों के पिता ने भावुक होते हुए कहा कि आज पुलिस ने न केवल अपना फर्ज निभाया है, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका भी अदा की है। उन्होंने पूरी पंचकूला पुलिस का तहे दिल से धन्यवाद किया।

साइबर अपराधियों पर फरीदाबाद पुलिस का प्रहार: सिम अपग्रेड और टेलीग्राम टास्क के नाम पर 20 लाख की ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना सेंट्रल की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सिम कार्ड अपग्रेड और ऑनलाइन टास्क के नाम पर लोगों को ठगने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पहले मामले में सेक्टर-14 निवासी एक महिला को एयरटेल सिम को ई-सिम (E-SIM) में अपग्रेड करने का झांसा देकर उनके खाते से 11,22,799 रुपये उड़ा लिए गए थे। इस मामले में पुलिस ने झारखंड के धनबाद से अनिकेत सिंह (एमबीए छात्र) और रजन कुमार राय (निजी फाइनेंस कर्मी) को गिरफ्तार किया है।

वहीं, दूसरे मामले में सेक्टर-77 निवासी व्यक्ति को टेलीग्राम पर 'प्रीपेड टास्क' और 'गूगल मैप्स रेटिंग' के नाम पर घर बैठे कमाई का लालच देकर 9,34,000 रुपये ठग लिए गए। इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मथुरा (यूपी) से अतुल और मोहित को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी बी.ए. और बी.कॉम के छात्र हैं, जिन्होंने चंद रुपयों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को मुहैया कराए थे।

राज्य स्तर पर साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की मुस्तैदी के आंकड़ों को साझा करते हुए विभाग ने बताया कि साइबर हेल्पलाइन 1930 पीड़ितों के लिए मददगार साबित हो रही है। हाल ही में राज्य में साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कुल 248 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें लगभग 54 लाख 16 हज़ार रुपये की ऑनलाइन ठगी की रिपोर्ट प्राप्त हुई। साइबर टीम ने इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई (Instant Action) करते हुए 51.21% राशि, यानी 27 लाख 73 हज़ार रुपये ठगों के खातों में जाने से पहले ही फ्रीज कर दिए। इस दौरान प्रदेश भर में कुल 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और पीड़ितों को 2 लाख 65 हज़ार रुपये रिफंड भी करवाए गए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।

 

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