Follow

हरियाणा पुलिस ने एक ही दिन में की 826 ठिकानों पर रेड, 40 फरार हिंसक अपराधी गिरफ्तार

Listen to this article

 

चंडीगढ़, 7 दिसंबर : हरियाणा पुलिस का राज्यव्यापी विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ अपराध और अपराधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है।6 दिसंबर 2025 को इस सघन अभियान में पुलिस ने एक ही दिन में पूरे राज्य में 826 चिन्हित हॉटस्पॉट्स (Hotspots) पर ताबड़तोड़ छापेमारी की । पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना था, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने अलग-अलग जिलों में 106 नए आपराधिक मामले दर्ज किए और 167 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया ।

 

Advertisement

158 इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा, आर्म्स एक्ट के 12 मामलों में 14 आरोपी गिरफ्तार  

इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि पुलिस ने कानून की गिरफ्त से दूर भाग रहे 40 फरार हिंसक अपराधियों (Fugitive Violent Criminals) को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की, जो पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए थे । इसके साथ ही, अन्य राज्यों के साथ तालमेल बढ़ाते हुए हरियाणा पुलिस ने 158 इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा कीं, जिससे अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिली । अवैध हथियारों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और आर्म्स एक्ट के तहत 12 मामले दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे संभावित हिंसक घटनाओं को रोकने में मदद मिली है ।

 

1,90,030 नकद बरामद, 7 कट्टे और पिस्टल भी ज़ब्त, गुरुग्राम पुलिस सबसे आगे  

नशामुक्त हरियाणा की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस एक दिन के अभियान में नशे के सौदागरों पर भी भारी चोट की है। पुलिस ने 1,90,030 नकद , 4500 नशीली गोलियां और कैप्सूल जब्त कर नशे की एक बड़ी खेप को समाज तक पहुंचने से रोक दिया । शराब तस्करों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3491 अवैध शराब, 120 बोतल अंग्रेजी शराब, 43 बोतल विदेशी अवैध शराब और 74 बोतल बीयर बरामद की । इसके अलावा पुलिस ने सवा किलो गांजा, 7 किलो चूरा पोस्त, स्मैक और हेरोइन जैसे मादक पदार्थ भी जब्त किए हैं, जो दर्शाता है कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है ।

राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस की मुस्तैदी के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिरसा पुलिस ने सर्वाधिक 77 हॉटस्पॉट्स को खंगाला, जबकि जीआरपी (रेलवे पुलिस) ने 73 और सोनीपत पुलिस ने 71 स्थानों पर रेड की । वहीं, गिरफ्तारी के मामले में गुरुग्राम पुलिस सबसे आगे रही, जहां पुलिस ने 56 हॉटस्पॉट्स चेक किए और सबसे ज्यादा 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सिर्फ अपराध पर ही नहीं, हरियाणा पुलिस ने समाज सेवा में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। ऑपरेशन के दौरान पुलिस कर्मियों ने राज्य भर में 933 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त व्यक्तियों की सहायता की, जो पुलिस के मानवीय पहलू को दर्शाता है । 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' के तहत 6 दिसंबर को की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि हरियाणा में अपराध और नशे के लिए कोई जगह नहीं है और पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

 

यमुनानगर : साधु के वेश में छिपा 11 साल से फरार 5000 का इनामी हत्यारा गिरफ्तार  

हरियाणा पुलिस ने अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पहली सफलता यमुनानगर में मिली, जहाँ सी.आई.ए.-1 की टीम ने एक दशक पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे 5000 रुपये के इनामी बदमाश अभिषेक उर्फ सन्नी को गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2013 का है, जब आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहित राणा नामक युवक की बड़ी बेरहमी से गाड़ी के पीछे बांधकर और घसीटकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड में शामिल 13 अन्य दोषियों को अदालत पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है, लेकिन अभिषेक पिछले 11 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह अपनी पहचान छुपाकर काशी और बनारस जैसी जगहों पर साधु के वेश में रह रहा था। अदालत द्वारा 2014 में ही उसे भगोड़ा (PO) घोषित कर दिया गया था, जिसे अब पुलिस ने धर दबोचा है।

 

दिल्ली में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 साइबर ठग काबू  

साइबर अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए फरीदाबाद की साइबर थाना बल्लभगढ़ टीम ने दिल्ली के विकास नगर, नांगलोई में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ठगी करते थे। यह कार्रवाई सेक्टर 64 निवासी एक पीड़ित की शिकायत पर की गई, जिसके क्रेडिट कार्ड से ओ.टी.पी. हासिल कर 53,753 रुपये उड़ा लिए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लोकेश और राजेंद्र ने पार्टनरशिप में यह फर्जी सेंटर खोला था, जहाँ तरुण सुपरवाइजर था और कोमल व आदित्य नाम की युवतियां कॉलर का काम करती थीं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला आरोपियों और तरुण को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि सरगना लोकेश और राजेंद्र को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है।

 

क्रिप्टोकरेंसी निवेश के जाल में फंसाकर 38 लाख की ठगी, दिल्ली से आरोपी काबू  

फरीदाबाद पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 38,54,000 रुपये की ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसा है। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी दी कि सेक्टर 86 निवासी एक व्यक्ति को फेसबुक पर एक लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी, जिसके बाद बातों के जाल में फंसाकर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए उकसाया गया। पीड़ित ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए लाखों रुपये जमा कराए, लेकिन वापस कुछ नहीं मिला। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दिल्ली के हरकिशन नगर से आरोपी धर्मेंद्र (55) को गिरफ्तार किया है। बी.कॉम पास धर्मेंद्र ने अपना बैंक खाता ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी के 10 लाख रुपये आए थे। आरोपी को न्यायालय से 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

 

ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी, एमएससी पास आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार  

दूसरे मामले में भी साइबर थाना सेंट्रल ने बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-86 ग्रेटर फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति जब ऑनलाइन सर्फिंग कर रहा था, तो उसे 'Bpoat' नामक ट्रेडिंग ऐप का विज्ञापन दिखा। इसके बाद ठगों ने लिंक भेजकर खाता खुलवाया और ट्रेडिंग के नाम पर उनसे 2,88,005 रुपये ठग लिए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में मध्य प्रदेश के जबलपुर से आरोपी मनीष (52) को गिरफ्तार किया है। जाँच में सामने आया कि आरोपी मनीष एम.एस.सी (M.Sc) पास है और एक प्राइवेट नौकरी करता है। उसने भी अपना खाता ठगों को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। आरोपी को न्यायालय से जमानत मिल गई है।

 

साइबर हेल्पलाइन 1930 का असर: ठगों तक पहुँचने से पहले ही रोकी गई 45% राशि  

स्थानीय कार्रवाई के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी हरियाणा पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 1930 ठगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। राज्य में हेल्पलाइन पर कुल 253 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें कुल 83 लाख 79 हज़ार 136 रुपये की ऑनलाइन ठगी रिपोर्ट हुई थी। साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसमें से 37 लाख 95 हज़ार 728 रुपये (लगभग 45.29%) ठगों के खातों में पहुँचने से पहले ही फ्रीज़ कर दिए। इसके अलावा, पुलिस ने कुल 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और विभिन्न मामलों में पीड़ितों को कुल 39 लाख 52 हज़ार रुपये रिफंड करवाने में सफलता प्राप्त की है।

त्वरित रिपोर्टिंग का महत्व बताते हुए पुलिस ने पंचकुला के एक मामले का उदाहरण दिया। निवेश धोखाधड़ी से जुड़ी एक शिकायत में पीड़ित ने समय रहते हेल्पलाइन पर सूचना दी। इस मामले में 6 लाख 95 हज़ार रुपये की ठगी हुई थी, लेकिन पुलिस टीम ने तत्काल एक्शन लेते हुए 5 लाख 88 हज़ार 183 रुपये (84.61%) तुरंत रोक लिए। यह सफलता दर्शाती है कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता और समय पर दी गई सूचना से आर्थिक नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh