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न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 26 फरवरी : पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अपनी धर्मपत्नी अनीता कटारिया के साथ आज प्रथम चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी (CSNA) पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

प्रशासक ने कहा कि वर्ष 1980 में स्थापना के बाद से चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी निरंतर कला के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि कला शहर की आत्मा होती है और कलाकार उसके सच्चे सांस्कृतिक दूत होते हैं।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम केवल पुरस्कार वितरण का अवसर नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक प्रतिभा का उत्सव है।

आज के तेज़ी से बदलते डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संगीत, नृत्य और रंगमंच जैसी प्रदर्शन कलाएं अनुशासन, समर्पण और संवेदनशीलता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि कला मन को शांति देती है, समाज में एकता को मजबूत करती है और हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है।

प्रशासक ने आश्वस्त किया कि चंडीगढ़ प्रशासन कलाकारों के साथ पूर्ण समर्थन में खड़ा है और युवा प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा। समारोह में संगीत, नृत्य, रंगमंच, कला-प्रचार और आजीवन उपलब्धि के क्षेत्रों में कुल 11 कलाकारों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

प्रत्येक पुरस्कार के साथ ₹51,000 की नकद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर सचिव सांस्कृतिक कार्य मंदीप सिंह बराड़; अध्यक्षा संगीत नाटक अकादमी (CSNA), चंडीगढ़, सुखमिंदर कौर बराड़; निदेशक सांस्कृतिक कार्य, सौरभ कुमार अरोड़ा सहित चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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