चंडीगढ़, 6 दिसंबर। हरियाणा पुलिस द्वारा राज्य भर में चलाया जा रहा 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' अपराधियों के लिए काल साबित हो रहा है। 5 दिसंबर के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने राज्य भर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक ही दिन में नशा, शराब और जुआ के लिए कुख्यात 834 हॉटस्पॉट स्थानों पर व्यापक कॉम्बिंग अभियान चलाया। इस सघन अभियान के परिणामस्वरूप पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न आपराधिक मामलों में 106 मुकदमे दर्ज किए और 165 अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
नशा तस्करों और संगठित अपराध पर हरियाणा पुलिस का एक्शन
इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता नशा माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मिली है। पुलिस ने राज्य भर में कार्रवाई करते हुए 1 लाख 44 हज़ार नकद राशि, 4 देसी कट्टे, 6 पिस्टल, 18 ज़िंदा कारतूस, 3 मैगज़ीन, एक कार, 4 मोटर साइकिल व एक मोबाइल फ़ोन जब्त किए हैं। इसके अलावा अगर नशे की बरामदगी पर बात की जाए तो 5 दिसंबर को की गई कार्रवाई में हरियाणा पुलिस ने 700 लीटर अवैध वाहन, 2650 नशीली गोलियां (Tablets), 950 से अधिक बोतल अवैध शराब/वाइन और भारी मात्रा में अन्य मादक पदार्थ, 26 किलो चूरा पोस्त, 127 किलो गांजा की ज़ब्ती की है।। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए अन्य राज्यों के साथ 127 इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा की हैं, जिससे अंतर्राज्यीय अपराधी गिरोहों पर नकेल कसी जा सके । इस दौरान 21 फरार हिंसक अपराधियों को भी दबोचा गया, जो लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर थे। वहीं 9 आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, 8 लुक आउट नोटिस जारी किये गए और 1 हिंसक अपराधी का पासपोर्ट रद्द करने का निवेदन भेजा गया। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि हरियाणा पुलिस नशा मुक्त समाज के निर्माण और संगठित अपराध के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गुरुग्राम, सिरसा और भिवानी में पुलिस का वार
ऑपरेशन का प्रभाव पूरे प्रदेश में देखने को मिला, जहाँ अलग-अलग जिलों में पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। सिरसा पुलिस ने सर्वाधिक 106 हॉटस्पॉट स्थानों पर छापेमारी की और 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किया, वहीं गुरुग्राम ने 53 जगह छापेमारी कर 24 संदिग्ध गिरफ्तार किये। वहीं, गुरुग्राम पुलिस ने मानवीय पहलु पर काम करते हुए 122 विपत्तिग्रस्त व ज़रूरतमंद व्यक्तियों तक सहायता पहुंचाई गई। वहीं सहायता पहुँचाने में पंचकूला जिला भी पीछे नहीं रहा और तक़रीबन 52 ज़रूरतमंद तक सहायता पहुंचाई । इसके अलावा नशे की बरामदगी में फतेहाबाद जिला सबसे आगे रहा जिसने कल तक़रीबन 26 किलो चूरा पोस्त और 5 ग्राम हीरोइन ज़ब्त करने में सफलता हासिल की।
इसी कड़ी में पलवल पुलिस ने न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसा, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश की। पलवल में 39 स्थानों पर कॉम्बिंग के दौरान हत्या और जानलेवा हमले के 1 हिंसक अपराधियों सहित एक इनामी नशा तस्कर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, हांसी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 25 हज़ार नकद और एक गाड़ी को नशा तस्करी में उपयोग होने के कारण ज़ब्त किया गया। इसके साथ ही, पलवल पुलिस ने ठंड से ठिठुरते 19 जरूरतमंदों ज़रूरतमंद तक सहायता पहुंचा कर खाकी के मानवीय पहलू को उजागर किया।
पानीपत और रोहतक में शराब माफिया नेटवर्क ध्वस्त
पानीपत और रोहतक में भी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पानीपत पुलिस की टीमों ने बबैल गांव और कालू पीर कॉलोनी में छापेमारी कर राजेश उर्फ राजू और रमेश नामक दो आरोपियों को 62 बोतल देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया। दूसरी ओर, रोहतक में शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश सैनी की टीम ने आदतन अपराधी अजय को 52 पव्वे अवैध शराब के साथ दबोचा। राज्य स्तर पर भी पुलिस ने कुल 345 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त व्यक्तियों की सहायता कर यह संदेश दिया है कि पुलिस का काम सिर्फ अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना भी है।
1930 हेल्पलाइन के जरिए एक ही दिन में बचाए 90 लाख रुपये, फरीदाबाद में दो बड़े गिरोहों का भंडाफोड़
हरियाणा में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज हो रहा है। राज्य में साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर आज कुल 313 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें नागरिकों द्वारा करीब 1 करोड़ 41 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की सूचना दी गई थी। इस पर साइबर टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि का बड़ा हिस्सा, यानी 90 लाख 45 हजार 370 रुपये (कुल राशि का 63.87%), ठगों के खातों में जाने से पहले ही फ्रीज कर दिया। पुलिस की मुस्तैदी के चलते आज प्रदेश भर में कुल 14 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 1 लाख 10 हजार 500 रुपये की राशि भी बरामद की गई है, साथ ही पीड़ितों को 6 लाख 39 हजार रुपये रिफंड करवाने में भी सफलता मिली है।
वहीं, फरीदाबाद में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने क्रेडिट कार्ड बनवाने और लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में करतार सिंह कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड रिजेक्ट होने का झांसा देकर ठगों ने उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा और फॉर्म भरवाते ही उनके खाते से 44 हजार रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली और बिहार के रहने वाले चार आरोपियों—आयुष गुप्ता, अरबाज, नवाब खान और ऋषभ कुमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी न केवल लोगों को कॉल कर फंसाते थे, बल्कि ठगी के पैसों से तुरंत सोने की अंगूठी जैसी कीमती चीजें खरीद लेते थे, जिन्हें बाद में बेचकर नकदी प्राप्त की जाती थी; फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर लिया है।
ऐसे ही एक दूसरे केस में घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच देकर लोगों को फंसाने वाले एक अन्य मामले में भी फरीदाबाद पुलिस को कामयाबी मिली है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने मथुरा से सुजल हलदार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने टेलीग्राम ग्रुप के जरिए एक महिला को टास्क का झांसा देकर करीब 14.50 लाख रुपये ठग लिए थे। महिला को शुरुआत में छोटे मुनाफे का लालच दिया गया, लेकिन बाद में बड़ी रकम निवेश करवाकर वापस नहीं की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सुजल ने अपने भाई के नाम पर सिम कार्ड लेकर बैंक खाता खुलवाया था, जिसका प्रयोग ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए 'म्यूल अकाउंट' के तौर पर किया गया; पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ के लिए उसे 5 दिन के रिमांड पर लिया है।