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पंजाब का स्वास्थ्य विभाग बाढ़ से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर, टीमें और एम्बुलेंसें तैनात

बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया, जल जनित और वेक्टर बोर्न बीमारियों की रोकथाम संबंधी विस्तृत समीक्षा के लिए सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), रेड क्रॉस और केमिस्ट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। 
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आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया, जल जनित और वेक्टर बोर्न बीमारियों की रोकथाम संबंधी विस्तृत समीक्षा की

सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, IMA, रेड क्रॉस और केमिस्ट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ VC

मरीजों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने को सुसज्जित हों, स्वास्थ्य संस्थान और पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक भी रखें

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बाढ़ प्रभावित लोगों को तुरंत देखभाल और राहत प्रदान करने के लिए वहां बड़े पैमाने पर मेडिकल टीमें भेजी जा रही

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को खोजने और सहायता प्रदान करने के लिए एक विशेष मिशन शुरू किया

360 मोबाइल मेडिकल टीमें और 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत

प्रभावित क्षेत्रों में रोज़ाना मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं और बीमारियों की रोकथाम को स्प्रे और फॉगिंग भी हो रही है

चंडीगढ़ : बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया, जल जनित और वेक्टर बोर्न बीमारियों की रोकथाम संबंधी विस्तृत समीक्षा के लिए सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), रेड क्रॉस और केमिस्ट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। बैठक के दौरान बोलते हुये डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “हमारे नागरिकों का स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पंजाब सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बाढ़ प्रभावित लोगों को तुरंत देखभाल और राहत प्रदान करने के लिए बड़े पैमाने पर मेडिकल टीमें भेजी जा रही हैं और संसाधन जुटाए जा रहे हैं।

पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक रखा जाए

स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपातकाल से निपटने को लेकर राज्य सरकार की वचनबद्धता दोहराते डॉ. बलबीर सिंह ने उन्होंने सिविल सर्जनों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इस कठिन समय में कोई भी व्यक्ति चिकित्सा सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने हिदायत की कि सभी स्वास्थ्य संस्थान मरीजों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित हों और पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक रखा जाए।

टीमों ने महिलाओं को सुरक्षित बचाया

मंत्री ने बताया कि उनके निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को खोजने और सहायता प्रदान करने के लिए एक विशेष मिशन शुरू किया गया है। इस लक्षित पहल से जीवनरक्षक नतीजे सामने आए हैं क्योंकि फरीदकोट और फाजिल्का में टीमों ने ऐसी छह महिलाओं को सुरक्षित बचाया है और सभी ने सरकारी सुविधाओं में स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है।

स्वास्थ्य संसाधन जुटाने का ऐलान

उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य संसाधन जुटाने का ऐलान किया। विभाग ने 360 मोबाइल मेडिकल टीमें और 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईएमए, रेड क्रॉस, केमिस्ट एसोसिएशन और एनजीओज़ को मिलकर काम करने के लिए कहा।

कुल 172 एम्बुलेंसें दिन-रात तैनात

बाढ़ राहत के लिए कुल 172 एम्बुलेंसें दिन-रात तैनात हैं। “हमारी टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं और हमें विश्वास है कि राज्य बाढ़ से उत्पन्न किसी भी चिकित्सा आपातकाल से निपटने के लिए तैयार है।” मंत्री ने सिविल सर्जनों को जिला उपायुक्तों के साथ मिलकर पीने के पानी के लिए क्लोरीन की गोलियां वितरित करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुँचे।

टीमें जमीनी स्तर पर काम कर रही

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. हितिंदर कौर ने विभाग की ज़मीनी रिपोर्ट पेश की। “हमारी टीमें जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं, इलाज सेवाएं प्रदान कर रही हैं और आवश्यक सामग्री वितरित कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रोज़ाना मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं और कपूरथला ज़िले में एक कैंप चौबीसों घंटे सक्रिय है। वेक्टर बोर्न बीमारियों की रोकथाम के लिए स्प्रे और फॉगिंग भी की जा रही है।”

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