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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के संसद में दिए बयान ने खोली भाजपा और दिल्ली सरकार की पोल : धालीवाल
कहा- केंद्र ने माना, पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में आई 90% की कमी, दिल्ली के प्रदूषण के लिए इंडस्ट्रियल वेस्ट और कूड़े के पहाड़ जिम्मेदार
धालीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री से मांगा जवाब, पूछा- वे बताएं दिल्ली में प्रदूषण के लिए अब कौन जिम्मेदार है ?
चंडीगढ़, 2 दिसंबर। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार और दिल्ली सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से एक सोची-समझी साजिश के तहत केंद्र सरकार और अब दिल्ली सरकार भी, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराकर उन्हें बदनाम करती आ रही हैं, लेकिन अब इन दोनों सरकारों का सच सबके सामने आ गया है।
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि कल लोकसभा में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा पेश किए गए आंकड़ों ने साफ कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने स्वयं सदन में बताया है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 90% तक की कमी आई है। यह बयान साबित करता है कि भाजपा और दिल्ली सरकार अब तक जिस तरह से दिल्ली के प्रदूषण के लिए केवल पंजाब को जिम्मेदार ठहराकर शोर मचा रही थीं, वह पूरी तरह से झूठ और राजनीति से प्रेरित था।
धालीवाल ने कहा कि सच्चाई यह है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण वहां का अपना 'इंडस्ट्रियल वेस्ट' (औद्योगिक कचरा) है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण पर काम करने वाली प्रतिष्ठित संस्था सीएसई (CSE – सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट) ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि दिल्ली के प्रदूषण का असली कारण वहां का इंडस्ट्रियल वेस्ट, कूड़े के पहाड़ों में लगने वाली आग से उठने वाला धुआं हैं।
धालीवाल ने इसके लिए सीधे तौर पर दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा से सवाल किया एयर पूछा कि वे दिल्ली की जनता बताएं कि जब पंजाब में पराली जलना न के बराबर है, तो दिल्ली में प्रदूषण के लिए अब कौन जिम्मेदार है?
धालीवाल ने पंजाब में आई बाढ़ के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि पहले केंद्र ने पंजाब में आई बाढ़ के लिए राज्य को जिम्मेदार ठहराया था। केंद्र ने तर्क दिया था कि ड्रेन्स की सफाई न होने और अवैध माइनिंग (खनन) की वजह से पंजाब को बाढ़ का सामना करना पड़ा। लेकिन पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के सदन में दिए गए बयानों ने इस झूठ को भी साफ कर दिया है। धालीवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से माना है कि पंजाब में बाढ़ का कारण सिर्फ 'कुदरती आफत' थी, न कि माइनिंग या कुछ और।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के इन बयानों से यह साफ हो गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर पंजाब के लोगों और यहां के मेहनतकश किसानों को सुनियोजित तरीके से बदनाम कर रही थीं। अब पंजाब और पूरे देश के लोगों को पता चल गया है कि सच्चाई क्या है और पंजाब के खिलाफ कौन साजिश रच रहा था।
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