एसआईआर पर कांग्रेस के दुष्प्रचार के खिलाफ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का तीखा प्रहार
लोकतंत्र को कमजोर करने की विपक्ष की कोशिशें नहीं होने देंगे कामयाब
न्यूज़म ब्यूरो
रोहतक, 26 अक्टूबर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लिए लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों पर डाका डालने का रहा है। वर्ष 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा चुनाव अवैध ठहराए जाने के बावजूद इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री बने रहने के लिए आपातकाल थोपकर करोड़ों देशवासियों के लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिए। वहीं, वर्ष 2009 में रोहतक लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र सिंह हुड्डा डीसी झज्जर की विशेष मदद से वोट चोरी कर सांसद बने। उन्होंने कहा कि दशकों तक जनता की आवाज दबाकर शासन करने वाली कांग्रेस को देशवासी कभी माफ नहीं करेंगे।
सोमवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान’ के तहत भाजपा कार्यालय मंगल कमल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. गुप्ता ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री गोपाल शर्मा, सत्यप्रकाश जरावता व वेद फुल्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रणबीर ढाका और प्रदेश मीडिया सहप्रभारी शमशेर खरक उपस्थित रहे।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि आपातकाल में लोकतांत्रिक अधिकार कुचले गए, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आज लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस अपने इस काले अध्याय पर जवाब क्यों नहीं देती? सत्ता बचाने के लिए देश को लोकतंत्र की चोरी का दंश देने वाली कांग्रेस ने आज तक इसके लिए माफी क्यों नहीं मांगी?
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पुत्र एवं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में डीसी रोहतक की विशेष मदद मिलने की बात कहे जाने पर भी जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि यह विशेष मदद आखिर क्या थी? क्या उनके पक्ष में जबरन वोट डलवाए गए, बूथ कैप्चर करवाए गए या मृतकों और बाहर रह रहे मतदाताओं के वोट डलवाए गए? दीपेंद्र स्पष्ट करें कि तत्कालीन डीसी ने उनकी क्या-क्या मदद की थी।
एसआईआर पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया और विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों ने भी सहयोग किया। चुनाव आयोग के अनुसार, देशभर में लगभग 13.39 करोड़ मतदाता प्रविष्टियां मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित अथवा अनुपलब्ध और डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में चिह्नित की गई हैं। उन्होंने पूछा कि मृत व्यक्तियों, दोहरी प्रविष्टियों और स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम सूची में बनाए रखने का क्या औचित्य है? ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं है; पात्र मतदाता फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।
ईवीएम पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा कि जीत मिलने पर विपक्ष चुप रहता है और हारते ही मशीनों पर सवाल उठाता है। यदि ईवीएम से वोट चोरी हो रही थी, तो कांग्रेस की लोकसभा सीटें 2019 की 56 से बढ़कर 2024 में 99 कैसे हुईं?
डॉ. गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक दलों को आरोपों के साथ प्रमाण भी देने चाहिए। भाजपा कार्यकर्ता प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताओं और पदयात्राओं के माध्यम से एसआईआर तथा चुनावी प्रक्रिया के तथ्य जनता तक पहुंचाएंगे। लोकतंत्र को कमजोर करने की विपक्ष की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
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