जिस तरह जुलाई से कांग्रेस एवं “आप” जुलाई से आये दिन दिल्ली एवं मुम्बई में अलग अलग दिन आंदोलन घोषित करते हैं वह स्पष्ट करता है कि यह किसी विदेशी ताकत की फंडिंग से देश का व्यपार तबाह करने में लगे हैं : हर्ष मल्होत्रा
ना सिर्फ व्यापारिक संसथाएं सी.आई.टी., कैट एवं दिल्ली व्यापार महासंघ दिवाली से ठीक पहले 1 नवम्बर को दिल्ली में बड़ी राजनीतिक रैली का विरोध कर रहे है बल्कि सिख समुदाय में भी रोष है क्योंकि सिख समाज 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के 3 दिन 1984 में हुए सिख नरसंहार की स्मृति मनाते हैं, आज कांग्रेस फिर सिख समाज के जखमों पर नमक छिड़कने में लगी है : हर्ष मल्होत्रा
संविधान की किताब हाथ में लेकर राजनीतिक नौटंकी करने वाले राहुल गांधी की कांग्रेस आज देश की सबसे आराजक पार्टी बन चुकी है जिसने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं चुनाव आयोग का अपमान करके अपना संविधान विरोधी चेहरा दिखा दिया है : हर्ष मलहोत्रा
मैं दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष के साथ ही एक व्यपारी भी होने के नाते कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील करता हूं कि व्यापारिक संस्थाओं कैट, सी.टी.आई. कैट एवं दिल्ली व्यापार महासंघ की अपील को स्वीकार कर दिवाली – भाईदूज तक सभी राजनीतिक आंदोलन स्थगित करें : हर्ष मल्होत्रा
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली 25 अक्टूबर। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा है कि विगत जुलाई 2026 से एक मौकापरस्त विपक्षी गठबंधन विशेष तौर से राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने खोये राजनीतिक अस्तित्व को पुनः हासिल करने के मकसद से “नीट” परिक्षा आंदोलन शुरू करवाया फिर कॉकरोच जनता पार्टी बनवा कर देश में विपक्ष की स्पेस खाने की कोशिश की और यही से राहुल गांधी एवं इंडिया गठबंधन और अरविंद केजरीवाल के बीच कौन बड़ा आराजक विपक्ष की वर्चस्व लड़ाई हो गई है। इसी क्रम में राजनीतिक रूप से शून्य साबित हो चुके योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण एवं राकेश टिकैत जैसे भी इस वर्चस्व लड़ाई में कूदते रहते हैं।
अब यह विपक्षी त्रिकोण आये दिन अलग अलग एक के बाद एक दिन दिल्ली एवं मुम्बई में आंदोलन की घोषणा करते रहते हैं।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा है कि जहां दिल्ली देश की राजधानी है तो साथ ही दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक केन्द्र है और मुम्बई तो है ही देश का सबसे बड़ा व्यापार केन्द्र है। जिस तरह जुलाई 2026 से कांग्रेस एवं “आप” जुलाई से आये दिन दिल्ली एवं मुम्बई में अलग अलग दिन आंदोलन घोषित करते हैं वह स्पष्ट दिखाता है कि यह किसी विदेशी ताकत की फंडिंग से देश का व्यपार तबाह करने में लगे हैं।
देश को राजनीतिक रूप से अस्थिर करने के साथ ही आर्थिक व्यापारिक रूप से तबाह करने में लगी कांग्रेस पार्टी एवं राहुल गांधी ने दिवाली से ठीक पहले 1 नवम्बर को दिल्ली में एक राजनीतिक रैली की घोषणा की जिसे व्यापारिक क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है।
ना सिर्फ व्यापारिक संस्थाएं सी.टी.आई., कैट एवं दिल्ली व्यापार महासंघ दिवाली से ठीक पहले 1 नवम्बर को दिल्ली में बड़ी राजनीतिक रैली का विरोध कर रहे है बल्कि सिख समुदाय में भी रोष है क्योंकि सिख समाज 31 अक्टूबर से 2 नवमबर के 3 दिन 1984 में हुए सिख नरसंहार की स्मृति मनाते हैं। आज कांग्रेस फिर सिख समाज के जखमों पर नमक छिड़कने में लगी है।
आज दिल्ली का व्यपारिक समाज करोड़ों का व्यपार खोने की चिंता से परेशान है कांग्रेस से नाराज है तो वहीं सिख समाज भी कांग्रेस के उन्हे भावनात्मक दुख देने त्रस्त है।
खेदपूर्ण है कि कांग्रेस को ना देश के व्यापार की चिंता है, ना हिन्दू समाज के सबसे बड़े त्योहार दिवाली का सम्मान है और ना सिख समाज की भावनाओं की कद्र है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने है कि संविधान की किताब हाथ में लेकर राजनीतिक नौटंकी करने वाले राहुल गांधी की कांग्रेस आज देश की सबसे आराजक पार्टी बन चुकी है जिसने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं चुनाव आयोग का अपमान करके अपना संविधान विरोधी चेहरा दिखा दिया है।
मैं दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष के साथ ही एक व्यपारी भी होने के नाते कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील करता हूं की व्यापारिक संस्थाओं कैट, सी.टी.आई. एवं दिल्ली व्यापार महासंघ की अपील को स्वीकार कर दिवाली – भाईदूज तक सभी राजनीतिक आंदोलन स्थगित करें।
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