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ठाणे में अमेजन के डेटा सेंटर पर रोक लगाने की मांग, आदित्य ठाकरे ने फडणवीस को लिखा पत्र

आदित्य ठाकरे ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक परियोजना रोकने की मांग की, पानी-बिजली की खपत और पर्यावरण पर असर को लेकर जताई चिंता।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 25 अक्टूबर। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ठाणे के बालकुम-माजीवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित अमेजन डेटा सेंटर का काम रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर परियोजनाओं के प्रभाव का आकलन करने के लिए गठित राज्य सरकार की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक इस परियोजना पर आगे काम नहीं होना चाहिए।

आदित्य ठाकरे ने 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समिति में जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी की। इस 17 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता पूर्व परमाणु ऊर्जा आयोग प्रमुख डॉ. अनिल काकोडकर कर रहे हैं।

पानी, बिजली और पर्यावरण पर चिंता

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आदित्य ठाकरे ने कहा कि ठाणे और उरण के लोगों को कुछ दिनों में पानी की आपूर्ति नहीं मिलती, जबकि सरकार ऐसी परियोजनाओं को समर्थन दे रही है, जिनसे शहर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर से स्थानीय निवासियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने परियोजना से निकलने वाली गर्मी, डीजल जनरेटर से होने वाले उत्सर्जन और शोर के संभावित प्रभावों पर भी सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर उन्होंने पूछा कि डेटा सेंटर को आवासीय क्षेत्र में बनाने के बजाय औद्योगिक क्षेत्र में क्यों नहीं स्थानांतरित किया जा सकता। उनका आरोप है कि स्थानीय लोगों की चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।

तीन महीने में रिपोर्ट देगी विशेषज्ञ समिति

राज्य सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, विशेषज्ञ समिति को गठन संबंधी शासनादेश जारी होने के तीन महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है। समिति डेटा सेंटर परियोजनाओं के पानी और बिजली की खपत, पर्यावरण, गर्मी के उत्सर्जन, ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगी।

समिति ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, पानी बचाने और वैकल्पिक कूलिंग तकनीकों को अपनाने जैसे उपायों की सिफारिश भी करेगी। आदित्य ठाकरे ने सरकार से डेटा सेंटर और एआई डेटा सेंटर के लिए स्पष्ट नीति, परियोजनाओं की मंजूरी के मानदंड तथा पानी और बिजली की व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी है। उन्होंने पर्यावरण और निवासियों की सुरक्षा, स्थानीय निकायों की भूमिका और मंजूरी की प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी व पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए।

अमेजन ने पानी और बिजली को लेकर क्या कहा?

बालकुम, माजीवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों के निवासी प्रस्तावित अमेजन वेब सर्विसेज सुविधा की बिजली और पानी की खपत, बैकअप जनरेटर तथा पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर विरोध जता रहे हैं।

वहीं, अमेजन का कहना है कि डेटा सेंटर में बंद-चक्र कूलिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा और कूलिंग के लिए स्थानीय पेयजल आपूर्ति से पानी नहीं लिया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, सुविधा को बिजली स्थानीय घरों और कारोबारों को आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के बजाय एक समर्पित हाई-वोल्टेज कनेक्शन से मिलेगी।

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