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दवा कारोबारी रिकॉर्ड दुरुस्त रखे और पारदर्शिता के साथ व्यापार करें : रिपन मेहता

कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में इंटरनेशनल फार्मा फेडरेशन की पहल, ड्रग कंट्रोलर से की मुलाकात
न्यूज़म ब्यूरो
पंचकूला, 21 अक्टूबर। पंचकूला में कोडीनयुक्त कफ सिरप की 1000 शीशियां बरामद होने और फर्जी बिल के जरिए दवाइयां कोलकाता भेजे जाने के मामले को लेकर इंटरनेशनल फार्मा फेडरेशन के पदाधिकारियों ने आज हरियाणा के स्टेट ड्रग कंट्रोलर रिपिन मेहता से मुलाकात कर दवा कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
सेक्टर-25 स्थित कोरियर कार्यालय से 10 पेटियों में पैक कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद होने के मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया गया है कि बिल पर दूसरी फर्म का जीएसटी नंबर और पता दर्ज होने के कारण संदेह पैदा हुआ था। इस मामले ने दवा कारोबार में बिलिंग, दस्तावेजों और दवाइयों की आपूर्ति से संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मुलाकात के दौरान स्टेट ड्रग कंट्रोलर रिपिन मेहता ने दवा कारोबारियों को सलाह दी कि वे अपना पूरा रिकॉर्ड दुरुस्त रखें, सभी लेन-देन का भुगतान अपने बैंक खाते में प्राप्त करें और कारोबार को पूरी तरह पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप संचालित करें। मेहता ने स्पष्ट किया कि ईमानदारी और निर्धारित नियमों के अनुसार काम करने वाले कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए उचित सहयोग किया जाएगा तथा उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
इंटरनेशनल फार्मा फेडरेशन के प्रधान गुलशन रावत ने कहा कि दवा उद्योग और दवा व्यापार की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। फर्जी बिलिंग, किसी अन्य फर्म के जीएसटी नंबर या पते के कथित दुरुपयोग तथा दवाइयों की संदिग्ध आपूर्ति जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगना आवश्यक है। ऐसी घटनाओं से न केवल वैध कारोबारियों की छवि प्रभावित होती है, बल्कि दवाइयों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
फेडरेशन के  महासचिव नीरज गिरी ने दवा कारोबारियों से अपील की कि वे प्रत्येक खरीद-बिक्री का उचित बिल रखें, संबंधित लाइसेंस एवं दस्तावेजों को अद्यतन रखें और किसी भी संदिग्ध ऑर्डर या लेन-देन की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित करें।
इंटरनेशनल फार्मा फेडरेशन के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र राठी ने दोहराया कि संगठन वैध दवा कारोबारियों के हितों की रक्षा करने, उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने और दवाइयों की अवैध आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करते रहेंगे। इनके साथ विवेक गोयल नरेश सेठी और अंकुज खन्ना थे।

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