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चंडीगढ़, 24 नवंबर। नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, जिन्हें विश्वभर में सम्मान के साथ ‘हिंद की चादर’ के रूप में जाना जाता है, की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आज पंजाब राज भवन, चंडीगढ़ द्वारा गुरु नानक देव ऑडिटोरियम में श्रद्धापूर्ण एवं आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण शबद कीर्तन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने गुरु साहिब को नमन किया तथा गहन श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
गुरुद्वारा पातशाही दसवीं, सेक्टर 8, चंडीगढ़ के रागी सिंहों ने सुरम्य और भक्तिमय कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आध्यात्मिक अनुभूति से अभिभूत किया।
विनम्रता, मानवता की एकता और समानता के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्यपाल एवं प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने संगत के बीच बैठकर शबद कीर्तन श्रवण किया तथा लंगर सेवा में भी भाग लिया, जिससे भाईचारे और सेवा के सिख सिद्धांतों को और दृढ़ता मिली।
इस अवसर पर गुरुद्वारा पातशाही दसवीं, सेक्टर 8 के प्रधान श्री सुखजिंदर सिंह बहल ने राज्यपाल काे सिरोपा देकर सम्मानित किया। मेयर श्रीमती हरप्रीत कौर बाबला, यूटी के गृह सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव श्री दिप्रवा लाकड़ा तथा भारत सरकार के अडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री सत्यपाल जैन को भी सिरोपाओं से सम्मानित किया गया।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरु जी का अतुलनीय बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता और मानव सम्मान की रक्षा का अमर प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे गुरु साहिब द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करें, जिन्होंने 1675 में पीड़ितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
राज्यपाल ने कहा, “गुरु जी की निर्भयता, करुणा और धर्मनिष्ठा की शिक्षाएँ सदैव हमें प्रेरित करती रहेंगी। यह दिवस हमें शांति, सद्भाव और सार्वभौमिक भाईचारे को बनाए रखने की हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है।”
कार्यक्रम में पंजाब राज भवन के अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा उनके परिजन भी उपस्थित रहे।
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