ठाकरे बंधुओं के गर्जना मोर्चे के बाद राऊत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी पर निशाना साधा, वहीं जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी का भी हवाला दिया।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 5 अक्टूबर। ठाकरे बंधुओं के गर्जना मोर्चे को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से उद्धव और राज ठाकरे पर ‘गजनी’ टिप्पणी किए जाने के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने पलटवार किया है। राऊत ने फडणवीस के बयान की आलोचना करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला।
राऊत ने दावा किया कि 4 अक्टूबर को मुंबई में निकाले गए गर्जना मोर्चे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केवल महाराष्ट्र में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध हो रहा है। हालांकि, मोर्चे में शामिल लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी का दिया हवाला
संजय राऊत ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की एसआईआर और मताधिकार से जुड़ी टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर करोड़ों नागरिक अपने मताधिकार से वंचित होते हैं तो यह गंभीर मुद्दा है।
जस्टिस भुइयां ने हाल में एसआईआर को लेकर कहा था कि ऐसी प्रक्रिया, जिससे लाखों नागरिक मताधिकार से वंचित हो जाएं, मनमानी और असंवैधानिक होगी। यह टिप्पणी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रही कानूनी बहस के बीच आई है।
राऊत ने तंज कसते हुए कहा कि अगर फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं को ‘गजनी’ कहा है तो अब उन्हें जस्टिस भुइयां की टिप्पणी पर भी सवाल उठाना चाहिए। उन्होंने बीजेपी नेताओं के बयानों की तुलना ब्रिटिश शासन के अंतिम दौर की प्रतिक्रिया से करते हुए सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।
‘गर्जना’ मोर्चे पर भी साधा निशाना
ठाकरे बंधुओं का गर्जना मोर्चा 4 अक्टूबर को मेट्रो सिनेमा से मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय तक निकाला गया था। इसमें कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) समेत विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मोर्चे का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का विरोध था।
राऊत ने बीजेपी नेता आशीष शेलार की ओर से मोर्चे को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोर्चे में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के खिलाफ देशभर में विरोध का माहौल है।
दिल्ली के प्रदर्शन का भी किया जिक्र
संजय राऊत ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ होने वाले विपक्षी प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल दिल्ली में भी आयोग के सामने अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं और चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग की जा रही है।
इस बीच, 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई भी होनी है। इन याचिकाओं में एसआईआर की वैधता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
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