Amit Shah के 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने वाले दावे पर Aman Arora ने प्रतिक्रिया दी
उन्होंने कहा कि पंजाब को केवल तारीख की घोषणा नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ ठोस नतीजे चाहिए
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 30 सितंबर | Amit Shah के नशामुक्त Punjab को लेकर दिए गए बयान के बाद Aman Arora ने अपने जवाब में कई सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सिर्फ समयसीमा बताना पर्याप्त नहीं है।
अमन अरोड़ा ने नतीजों के साथ सीमा सुरक्षा और नशे की कथित सप्लाई पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई।
उन्होंने डोप टेस्ट और एसआईटी जांच को लेकर भी सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।
2007-17 ਵਿੱਚ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨਾਲ਼ ਮਿਲ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਭੱਠੀ ‘ਚ ਝੋਕਣ ਵਾਲ਼ੀ ਭਾਜਪਾ ਅੱਜ ਕਿਸ ਮੂੰਹ ਨਾਲ਼ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਯਾਤਰਾ ਕੱਢ ਰਹੀ ਹੈ? ਜੇ ਉਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨੌਜਵਾਨੀ ਦਾ ਧਿਆਨ ਕੀਤਾ ਹੁੰਦਾ ਤਾਂ ਅੱਜ ਇਹ ਢੋਂਗ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਾ ਪੈਂਦੀ… pic.twitter.com/5I1Ru6avZY
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Drug-Free Punjab को लेकर Aman Arora का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक राज्य को नशामुक्त कर दिया जाएगा। इस बयान पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को तारीख नहीं, बल्कि नतीजे चाहिए।
अमन अरोड़ा ने नशे के मुद्दे पर सरकार की कार्रवाई और जांच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित एसआईटी को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उनके मुताबिक, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की तस्करों को कथित संरक्षण देने में भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
Drug Trafficking पर जांच को लेकर सरकार का रुख
अमन अरोड़ा ने कहा कि नशे से जुड़े मामलों की जांच में किसी को बचाया नहीं जाएगा। उन्होंने 2007 से 2017 के बीच अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इसी दौर में पंजाब में ‘चिट्टा’ शब्द चर्चा में आया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा जांच प्रक्रिया में एसआईटी को अपना काम करने की पूरी आजादी दी गई है। मंत्री के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच आवश्यक है।
Drug Supply को लेकर सीमा पार से आने का दावा
अमन अरोड़ा ने पंजाब में नशे की सप्लाई को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा तैयार नहीं होता, बल्कि इसकी सप्लाई सीमा पार से होती है। उन्होंने इस मुद्दे को सीमा सुरक्षा से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की जिम्मेदारी का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की सप्लाई रोकने के लिए केवल राज्य स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। सीमा के स्तर पर भी प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। उनके अनुसार, सप्लाई रोकने और तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई दोनों पहलुओं पर काम होना चाहिए।
Drug Test को लेकर Aman Arora की प्रतिक्रिया
ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫ਼ਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ‘ਆਪ’ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਤੋਂ Live https://t.co/sKTkhCnYiO
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डोप टेस्ट के मुद्दे पर भी अमन अरोड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी को डोप टेस्ट करवाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, नशे के खिलाफ अभियान में जांच और कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रयास किए जाने चाहिए। इसमें जांच प्रक्रिया के साथ नशे की सप्लाई रोकने और संबंधित मामलों में कार्रवाई को भी शामिल किया जाना जरूरी है।
Border Security पर भी उठाए सवाल
अमन अरोड़ा ने नशे की सप्लाई को सीमा पार से आने का दावा करते हुए सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सीमा से होने वाली तस्करी पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है।
उनका कहना है कि राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कार्रवाई के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने सप्लाई चैन को रोकने को इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया।
Drone Survey को लेकर Aman Arora ने दी सफाई
किसानों की जमीन की ड्रोन के जरिए रेकी किए जाने से जुड़े सवाल पर अमन अरोड़ा ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में फिलहाल उनके पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित मामले की जानकारी उनके सामने नहीं आती, तब तक इस पर विस्तृत टिप्पणी करना संभव नहीं है। इस तरह नशे के मुद्दे के साथ ड्रोन से जुड़ा सवाल भी उनके बयान के दौरान सामने आया।
Punjab Politics में नशे का मुद्दा फिर चर्चा में
अमित शाह के जालंधर दौरे और नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन के बाद पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। भाजपा की ओर से 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा को लेकर किया गया दावा और अमन अरोड़ा की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक रुख सामने रखे हैं।
अमन अरोड़ा ने अपने बयान में तारीख की घोषणा के बजाय कार्रवाई के परिणामों पर जोर दिया। वहीं, उन्होंने एसआईटी जांच, सीमा पार से कथित सप्लाई और डोप टेस्ट जैसे मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा।
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