SIR को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल उठाए
उन्होंने चुनाव आयोग के 26 सितंबर के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 27 सितंबर। डॉ. अर्चना गुप्ता ने Election Commission के SIR संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
उन्होंने पंजाब Pharmacy Officer भर्ती परीक्षा से जुड़े हाईकोर्ट मामले का भी उल्लेख किया।
हाईकोर्ट ने 454 पदों की चयन प्रक्रिया पर रोक लगाई थी और CBI से जवाब मांगा है।

SIR पर डॉ. अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस के आरोपों पर उठाए सवाल
भाजपा की हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने SIR को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि SIR से जुड़े प्रमुख फैसलों को लेकर आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
26 सितंबर को चुनाव आयोग की पूर्ण बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि देशभर में Special Intensive Revision से जुड़े आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे। आयोग ने 24 जून 2025 के मूल आदेश और बाद में जारी अलग-अलग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।
Election Commission ने SIR पर क्या कहा?
Election Commission के अनुसार 24 जून 2025 का SIR आदेश तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी के बाद जारी हुआ था। आयोग ने यह भी कहा कि बाद में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी किए गए कार्यक्रम भी सर्वसम्मति से स्वीकृत किए गए।
आयोग ने कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उसके अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत फैसले या SIR से संबंधित नहीं था। मामला प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़े प्रशासनिक विषय का था।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्य सामने रखने चाहिए। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
Form-6 को लेकर भी सामने आया स्पष्टीकरण
SIR के साथ मतदाता पंजीकरण के Form-6 से जुड़ी प्रक्रिया पर भी चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण दिया। आयोग के अनुसार SIR अवधि में Form-6 से जुड़े अतिरिक्त घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी और अदालत के आदेशों के संदर्भ में इसकी स्थिति स्पष्ट हुई है।
गैर-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित प्रक्रिया लागू रहने की बात भी आयोग ने कही। आयोग ने मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच यह जानकारी सार्वजनिक की।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि इन स्पष्टीकरणों के बाद SIR से जुड़े विवाद पर राजनीतिक दलों को अपने-अपने रुख पर जवाब देना चाहिए।
Pharmacy Officer Exam पर भी पंजाब सरकार से सवाल
डॉ. अर्चना गुप्ता ने पंजाब के Pharmacy Officer Exam मामले को भी अपने बयान में शामिल किया। उन्होंने 19 जुलाई 2026 को हुई 454 पदों की भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पहले ही 454 Pharmacy Officer पदों की चयन प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है। अदालत में याचिका के जरिए परीक्षा रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच की मांग की गई थी।
High Court ने CBI से मांगा जवाब
25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित नकल और प्रश्नपत्र लीक मामले की स्वतंत्र जांच से जुड़ी याचिका पर CBI से जवाब मांगा। अदालत के समक्ष आरोप था कि परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रश्न और उत्तर उम्मीदवारों तक पहुंचाए गए।
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने प्रारंभिक पुलिस जांच का हवाला देते हुए प्रति उम्मीदवार 3.5 लाख से 13 लाख रुपये तक लिए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया। ये आरोप अदालत में पेश किए गए जांच संबंधी विवरण का हिस्सा हैं, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं।
भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल लगी रोक
हाईकोर्ट ने 454 पदों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर रोक लगाई है। यह मामला उन उम्मीदवारों की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने 19 जुलाई की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आधार पर प्रक्रिया को चुनौती दी।
अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। CBI से भी स्वतंत्र जांच संबंधी याचिका पर प्रतिक्रिया देने को कहा गया है। मामले की अंतिम स्थिति अदालत की आगे की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।
Youth Recruitment और Political Debate
डॉ. गुप्ता ने अपने बयान में पंजाब के युवाओं की मेहनत और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी चयन और जवाबदेही की जरूरत है।
उन्होंने पंजाब सरकार से Pharmacy Officer भर्ती मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। दूसरी ओर, इस मामले में अदालत की कार्यवाही जारी है और आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति अभी तय नहीं हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ SIR को लेकर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण सामने आया है। दूसरी तरफ पंजाब की Pharmacy Officer भर्ती मामले में न्यायिक जांच जारी है। दोनों मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बयान और संबंधित संस्थाओं की प्रक्रियाएं आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
