Hydrogen Train में सफर के दौरान हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने यात्रियों से संवाद किया
उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बच्चों से आधुनिक रेल सुविधाओं को लेकर अनुभव और सुझाव जाने
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 23 सितंबर। Hydrogen Train को भारतीय रेलवे में स्वच्छ और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने यात्रा के दौरान महिला सुरक्षा, रोजगार और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।
भारतीय रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2014 से 2026 तक 36,429 ट्रैक किलोमीटर जोड़े गए।
रेलवे में बायो-टॉयलेट, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और कवच जैसी तकनीकों का भी विस्तार हुआ है।
हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने बुधवार को Hydrogen Train में सफर किया। उन्होंने गोहाना जंक्शन से जींद जंक्शन तक की यात्रा के दौरान यात्रियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं, महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों से रेल यात्रा के अनुभव और सुझाव जाने। भाजपा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बातचीत में महिला सुरक्षा, स्वच्छता और आधुनिक रेल सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
भारतीय रेलवे ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन को जींद-सोनीपत रेल खंड पर संचालित करने की मंजूरी दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह 10-कार वाली ट्रेन है और इसकी अधिकतम स्वीकृत संचालन गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह जींद, गोहाना और सोनीपत को जोड़ने वाले मार्ग पर चलेगी।

Hydrogen Train में यात्रियों से सीधा संवाद
Hydrogen Train में सफर के दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता ने यात्रियों के बीच बैठकर बातचीत की। भाजपा द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने युवाओं से रोजगार, तकनीक और आधुनिक परिवहन को लेकर उनकी अपेक्षाएं जानीं। महिलाओं से यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े अनुभव पूछे गए।
बच्चों से भी ट्रेन को लेकर बातचीत की गई। डॉ. गुप्ता ने कहा कि विकास का आकलन आम नागरिक के रोजमर्रा के अनुभव से किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, आधुनिक परिवहन का असर यात्रियों की सुविधा और यात्रा के अनुभव में दिखाई देना चाहिए।
Indian Railways : ट्रैक और स्वच्छता में बदलाव
Indian Railways से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों की जानकारी दी। भारतीय रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2026 के बीच 36,429 ट्रैक किलोमीटर जोड़े गए। 2009-14 के दौरान यह आंकड़ा 7,599 किलोमीटर था।
रेलवे में स्वच्छता से जुड़े बदलावों पर भी जोर दिया गया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2004 से 2014 के बीच 9,587 बायो-टॉयलेट लगाए गए थे। 2014 से फरवरी 2026 तक 3,66,250 बायो-टॉयलेट लगाए गए। इनका उद्देश्य ट्रेनों से मानव अपशिष्ट सीधे पटरियों पर गिरने की समस्या को कम करना है।
Railway Modernization : तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
Railway Modernization के तहत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और अन्य सुरक्षा तकनीकों का भी विस्तार हुआ है। भारतीय रेलवे के अनुसार, 30 जून 2026 तक 6,671 स्टेशनों पर इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग उपलब्ध थी। इसका इस्तेमाल सिग्नल और पॉइंट संचालन को आधुनिक बनाने के लिए किया गया है।
रेलवे ने Kavach जैसी स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का भी विस्तार किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जुलाई 2026 तक कवच 4.0 को 2,569 रूट किलोमीटर पर लागू किया जा चुका था। यह दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे हाई-डेंसिटी मार्गों के हिस्सों में भी लागू है।
इसके अलावा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भी रेलवे के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में बताया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दोनों चालू हैं।
Railway Safety : यात्रियों की सुरक्षा पर चर्चा
Railway Safety को लेकर भी डॉ. अर्चना गुप्ता ने यात्रियों से बातचीत की। भाजपा की ओर से जारी बयान में उन्होंने आधुनिक सिग्नलिंग, इंटरलॉकिंग, कवच और बेहतर ट्रैक व्यवस्था का उल्लेख किया। रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2026-27 में जून 2026 तक दो consequential train accidents दर्ज हुए थे। वहीं 2025-26 में यह संख्या 16 रही।
उन्होंने चिनाब रेलवे ब्रिज का भी उल्लेख किया और इसे भारत की इंजीनियरिंग क्षमता से जोड़ा। रेलवे के आधिकारिक दस्तावेजों में चिनाब पुल को जम्मू-कश्मीर की रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया है।
हरित परिवहन को लेकर डॉ. अर्चना गुप्ता का जोर

डॉ. अर्चना गुप्ता ने हाइड्रोजन ट्रेन को स्वच्छ और हरित परिवहन से जोड़ा। भारतीय रेलवे के अनुसार हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में बिजली रासायनिक प्रक्रिया के जरिए उत्पन्न होती है और इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प होता है। गोहाना से जींद तक की यात्रा के दौरान यात्रियों से बातचीत को उन्होंने रेल सुविधाओं की जमीनी स्थिति समझने का माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
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