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चंडीगढ़ के तिरंगा पार्क में भव्य 'सरदार@150 यूनिटी मार्च' के साथ मना राष्ट्रीय एकता दिवस

चंडीगढ़, 22 नवंबर। भारत के एकीकरण के वास्तुकार, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में, राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार@150 यूनिटी मार्च आज चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित तिरंगा पार्क में बड़े देशभक्ति की भावनाओं और उत्साह के साथ मनाया गया।
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चंडीगढ़, 22 नवंबर। भारत के एकीकरण के वास्तुकार, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में, राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार@150 यूनिटी मार्च आज चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित तिरंगा पार्क में बड़े देशभक्ति की भावनाओं और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस आयोजन में हजारों की सांख्य में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें युवा, महिलाएं, छात्र, विभिन्न सामाजिक समूह और चंडीगढ़ में रहने वाले 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने भारत की समृद्ध और विविधता पूर्ण विरासत तथा सामूहिक पहचान का प्रतिनिधित्व किया।
 
 
पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक, श्री गुलाब चंद कटारिया ने यूनिटी मार्च को हरी झंडी दिखाई और सभा को संबोधित किया। अपनी टिप्पणी में, उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ 'विविधता में एकता' का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ सभी क्षेत्रों, संस्कृतियों और भाषाओं के लोग आपसी सम्मान और राष्ट्रीय गौरव के साथ एक साथ रहते हैं। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम, रक्षा सेवाओं, खेल और शिक्षा के और में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान और बलिदानों पर प्रकाश डाला, और कश्मीरी हिंदुओं की रक्षा के लिए अपने सर्वोच्च बलिदान के लिए गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की, उन्होंने दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब को अदम्य साहस और भक्ति का जीवंत प्रतीक बताया।
 
 
राज्यपाल ने 562 रियासतों को एकिकृत्य करने और एक मजबूत भारत को आकार देने में लौह पुरुष सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। उन्होंने उलेख किया कि बारडोली सत्याग्रह की भावना और पटेल के न्याय, साहस, अनुशासन और राष्ट्रीय अखंडता के सिद्धांत राष्ट्र को प्रेरित करते रहेंगे और इन्हीं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की पहल की नींव टिकी हैं। 
 
उन्होंने बल दिया कि राष्ट्रीय एकता विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने की कुंजी है, जो चार स्तंभों पर निर्मित है: सांस्कृतिक एकता, भाषाई सद्भाव, गरीबी उन्मूलन और समान अवसर के माध्यम से समावेशी विकास, और राजमार्गों, रेल, विमानन तथा डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से कनेक्टिविटी और भावनात्मक एकीकरण।
 
 
राष्ट्रीय अखंडता और सांस्कृतिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए नागरिकों का आह्वान करते हुए, श्री कटारिया ने समाज से भारत को आंतरिक रूप से कमजोर करने के राष्ट्र-विरोधी तत्वों के हर प्रयास का मुकाबला करने का आग्रह किया, और अद्वितीय साहस के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए सुरक्षा के रक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया।
 
 
राज्यपाल ने यूनिटी मार्च को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन, आयोजन टीमों, स्वयंसेवकों और युवाओं की सराहना की। यह कार्यक्रम “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के शक्तिशाली नारों के साथ समाप्त हुआ, जिसने इस संदेश को सुदृढ़ किया कि “भारत एक है, भारत एकजुट है, और एकता ही हमारी शक्ति है।”
 
 
इस आयोजन में चंडीगढ़ के स्कूलों तथा कॉलेजों में पढ़ने वाले एनएसएस, एनसीसी के स्वयंसेवकों, सरकारी कला महाविद्यालय के विद्यार्थियों, “मेरा भारत युवा” के स्वयंसेवकों तथा शहर के उत्साही नगरिकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में श्री सतनाम सिंह संधू, सांसद; श्री सत्य पाल जैन, अतिरिक्त सॉलिसिटर ऑफ़ इंडिया; श्रीमती हरप्रीत कौर बबला, महापौर चंडीगढ़; श्रीमती प्रेरणा पुरी, सचिव शिक्षा; श्री स्वप्निल एम नाइक, सचिव आतिथ्य; श्री प्रदीप कुमार, अतिरिक्त आयुक्त एमसी; श्री सोरभ अरोरा, निदेशक खेल और चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारी शामिल थे।
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