PAU Kisan Mela का लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उद्घाटन किया
किसान मेले में नहरी पानी, पराली प्रबंधन, आधुनिक खेती और फसल विविधता पर चर्चा हुई
न्यूज़म ब्यूरो
लुधियाना, 18 सितंबर | लुधियाना के पीएयू में दो दिवसीय किसान मेले की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान यूनियनों से बातचीत की अपील की और आधुनिक कृषि तकनीकों पर जोर दिया।

लुधियाना में दो दिवसीय किसान मेले की शुरुआत
लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय PAU Kisan Mela की शुरुआत हो गई है। यह राज्य स्तरीय किसान मेला 18 और 19 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। इसमें पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से किसान पहुंच रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों और ग्रामीण युवाओं की भी मेले में भागीदारी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार दोपहर किसान मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रदर्शनियों और स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और कृषि विशेषज्ञों से बातचीत भी की। मेले में किसानों को नई तकनीकों, बीजों और कृषि उपकरणों की जानकारी दी जा रही है।
आखिरी खेत तक नहरी पानी पहुंचाने पर जोर
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नहरी पानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य आखिरी खेत तक नहरी पानी पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार नहरी पानी मिलने से किसानों की सिंचाई लागत कम हो सकती है।
भगवंत मान ने दावा किया कि नहरी नेटवर्क मजबूत होने से कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार हुआ है। उन्होंने एक से पांच फीट तक सुधार दर्ज होने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी सिंचाई बढ़ने से डीजल और जनरेटर का खर्च भी कम हुआ है। इससे किसानों को खेती की लागत घटाने में मदद मिल सकती है।
किसानों से खेती की लागत कम करने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती की लागत कम करने पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल और मिट्टी की जांच के बाद ही कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे अनावश्यक खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने किसानों से विशेषज्ञों की सलाह लेकर खेती संबंधी फैसले लेने को कहा।
पराली प्रबंधन को लेकर केंद्र पर सवाल
पराली प्रबंधन के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील की। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों को उचित आर्थिक प्रोत्साहन देने की मांग की। उनका कहना था कि आर्थिक सहायता मिलने से किसान पराली का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र की ओर से पराली जलाने को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने किसानों से आग लगाने से बचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर किसानों को जरूरी सहायता उपलब्ध करवाएगी।
किसान यूनियनों से बोले- पहले बातचीत करें
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने किसान यूनियनों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या को लेकर पहले सरकार से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने किसान नेताओं से सीधे उनके पास आने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पहले धरना लगाते हैं और बाद में बैठक की मांग करते हैं। उन्होंने धरने के बजाय बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान तलाशने की अपील की। इसी दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को किसानों का मित्र बताया।
भगवंत मान ने कहा, “मैं आपका मित्र कीड़ा हूं, मुझ पर ही स्प्रे मत करो।” यह टिप्पणी उन्होंने किसान संगठनों से संवाद बनाए रखने की अपील के दौरान की।
एग्रीवोल्टिक तकनीक से खेती के साथ सौर ऊर्जा
किसान मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पीएयू के डायरेक्टर ऑफ रिसर्च डॉ. एएस ढट्ट ने एग्रीवोल्टिक तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में एक ही जमीन पर खेती और सौर ऊर्जा उत्पादन किया जा सकता है।
इस व्यवस्था में खेत के ऊपर सौर पैनल लगाए जाते हैं। इनके नीचे उपलब्ध जमीन पर खेती की जा सकती है। इससे किसान कृषि के साथ ऊर्जा उत्पादन का विकल्प भी अपना सकते हैं। विशेषज्ञों ने किसानों को इस तरह की नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
मिट्टी की सेहत और फसल विविधता पर जोर

पीएयू के डायरेक्टर विस्तार शिक्षा डॉ. एमएस भुल्लर ने मिट्टी की सेहत पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच करानी चाहिए।
उन्होंने किसानों को पराली खेत में मिलाने की सलाह दी। साथ ही पारंपरिक फसल चक्र में बदलाव करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने फसल विविधता को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। इससे खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।
किसानों और पीएयू के बीच मजबूत जुड़ाव
पीएयू के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने किसान मेले को किसानों के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं से मेले में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान यहां नई तकनीकों और बीजों की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
मेले में कृषि मशीनरी और खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई है। किसान विशेषज्ञों से अपनी कृषि संबंधी समस्याओं पर सलाह भी ले सकते हैं। दो दिवसीय यह आयोजन किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ने पर केंद्रित है।
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